पटना नगर निगम का एक्शन मोड: नाला उड़ाही में लापरवाही पर 6 अफसरों का वेतन रुका, जलजमाव रोकने के लिए शनिवार को महा-ट्रायल रन

पटना नगर आयुक्त ने नाला उड़ाही की धीमी प्रगति पर 6 कार्यपालक पदाधिकारियों का वेतन रोकने का आदेश दिया है। मानसून से पहले जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए शनिवार को 252 पंपों का ट्रायल होगा।

पटना नगर निगम का एक्शन मोड: नाला उड़ाही में लापरवाही पर 6 अफ

Patna - : राजधानी में मानसून के दौरान संभावित जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए पटना नगर निगम ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने नाला उड़ाही कार्य की असंतोषजनक प्रगति पर कड़ा रुख अपनाते हुए सभी छह अंचलों के कार्यपालक पदाधिकारियों (Executive Officers) से दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण की मांग की है। इसके साथ ही, संतोषजनक जवाब प्राप्त होने तक इन सभी अधिकारियों का वेतन रोकने का भी कड़ा आदेश जारी किया गया है।

अप्रैल अंत तक काम पूरा करने का अल्टीमेटम 

निगम मुख्यालय ने सभी अंचलों को अप्रैल के अंत तक नाला उड़ाही का कार्य हर हाल में पूर्ण करने का निर्देश दिया है। गुरुवार को अपर नगर आयुक्त (सफाई) श्री राजन सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में अंचलों द्वारा भेजी गई रिपोर्ट पर नाराजगी जाहिर की गई। बैठक में स्पष्ट किया गया कि जल निकासी की व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पंप सेट पर निर्भरता कम करने और नाला मरम्मत के निर्देश 

समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जल निकासी के लिए केवल पंप सेट पर निर्भर न रहें, बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित करें जिससे वर्षा का जल स्वतः निकल सके। इसके लिए निम्नलिखित कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं:

  • मरम्मत कार्य: जिन क्षेत्रों में नाले जीर्ण-शीर्ण हैं, वहां अल्पकालीन निविदा जारी कर एक महीने में मरम्मत पूरी की जाए।

  • बाधाओं को हटाना: मैनहोल की लेवलिंग दुरुस्त करने और कैचपिट की नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि पानी का बहाव निर्बाध रहे।

  • संभावित क्षेत्रों की पहचान: सभी अंचलों ने जलजमाव वाले हॉटस्पॉट की पहचान कर ली है, जहाँ के लिए विशेष रणनीति बनाई जा रही है।

शनिवार को होगा 252 पंपों का ट्रायल रन 

शहर में जल निकासी के लिए उपलब्ध संसाधनों की जांच हेतु आगामी शनिवार को विशेष 'मॉक ड्रिल' आयोजित की जाएगी। पटना नगर निगम के पास वर्तमान में 166 डीजल चालित पंप सेट और 86 विद्युत चालित पंप सेट उपलब्ध हैं। मुख्यालय ने आदेश दिया है कि शनिवार तक सभी खराब पंपों की मरम्मत करा ली जाए और ऑपरेटरों की मौजूदगी में उनका ट्रायल रन पूरा किया जाए।

फंड का हिसाब और मशीनों की फिटनेस पर जोर 

मुख्यालय द्वारा नाला और कैचपिट उड़ाही के लिए प्रत्येक अंचल को एक-एक लाख रुपये की राशि आवंटित की गई है। अधिकारियों को इस राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र (Utilisation Certificate) समय पर जमा करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, सफाई कार्यों में लगे सभी वाहनों और मशीनों को एक सप्ताह के भीतर मरम्मत कर पूरी तरह कार्यशील बनाने की जिम्मेदारी तय की गई है।