Bihar News : आंगनबाड़ी सेविका की बर्खास्तगी पर पटना हाईकोर्ट सख्त, प्राकृतिक न्याय के उल्लंघन पर आदेश रद्द, पुनर्बहाली का जारी किया निर्देश

Bihar News : आंगनबाड़ी सेविका की बर्खास्तगी पर पटना हाईकोर्ट

PATNA : पटना हाईकोर्ट ने आंगनबाड़ी सेविका की सेवा समाप्ति के मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए बर्खास्तगी के आदेश को पूरी तरह रद्द कर दिया है। जस्टिस रितेश कुमार की एकलपीठ ने स्पष्ट किया कि किसी भी कर्मचारी को बिना समुचित सुनवाई और पक्ष रखने का अवसर दिए पद से हटाना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता पुष्पा कुमारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी तत्काल पुनर्बहाली का आदेश दिया है।

12 साल पुराने मामले में मिली राहत

यह मामला वर्ष 2012 का है, जब 12 जुलाई को एक निरीक्षण के दौरान कथित अनियमितताओं के आरोप में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने 25 सितंबर 2012 को पुष्पा कुमारी की सेवा समाप्त कर दी थी। इसके बाद 2013 में जिलाधिकारी ने भी अपील खारिज कर दी थी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता हेमंत कुमार ने दलील दी कि विभाग ने एकतरफा कार्रवाई की और उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।

एकतरफा निर्णय को बताया गलत

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि नोटिस जारी किया गया था, लेकिन याचिकाकर्ता उपस्थित नहीं हुईं। हालांकि, कोर्ट ने दस्तावेजों के अवलोकन के बाद पाया कि केवल एक नोटिस जारी किया गया था और उसके बाद अगली सुनवाई की कोई तिथि तय किए बिना ही एकतरफा फैसला ले लिया गया। कोर्ट ने इसे प्रक्रियात्मक खामी मानते हुए प्रशासन की कार्रवाई को अवैध ठहराया।

बकाया वेतन भुगतान का भी आदेश

न्यायमूर्ति रितेश कुमार ने अपने आदेश में न केवल बर्खास्तगी और अपीलीय आदेशों को रद्द किया, बल्कि विभाग को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को उनके पद पर पुनर्बहाल किया जाए। इसके साथ ही, कोर्ट ने सेवा से बाहर रहने की अवधि के दौरान के बकाया वेतन और अन्य लाभों का भुगतान करने का भी कड़ा निर्देश दिया है।