धनतेरस पर ऑक्सीजन मैन गौरव राय की अनोखी पहल, सेवा और जरूरतमंदों की मदद से मनाया त्योहार

गौरव राय ने बताया कि वह बिना किसी एनजीओ के जरूरतमंदों की मदद का अभियान चला रहे हैं। व्हाट्सऐप और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जोड़कर जरूरत के मुताबिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

गौरव राय
गौरव राय- फोटो : news4nation

Bihar News :  त्योहारों की खुशियां सेवा और जरूरतमंदों की मदद के साथ मनाने में विश्वास रखने वाले पटना के गौरव राय यानी 'ऑक्सीजन मैन' ने धनतेरस पर एक अनोखी पहल की। पटना के बिग्रहपुर स्थित अपने कार्यालय में उन्होंने जरूरतमंद युवक रविशंकर को साइकिल की चाबी सौंपी और कई लोगों के बीच जरूरत का सामान वितरित किया। इस अवसर पर उन्होंने गौतम दत्ता को अंगवस्त्र देकर सम्मानित भी किया।


दीघा निवासी रविशंकर ने अनाथ बच्चे के रूप में जीवन की शुरुआत की और संघर्ष करते हुए आज एक निजी कंपनी में काम कर रहा है। उसे काम पर आने-जाने के लिए साइकिल की जरूरत थी। गौतम दत्ता ने उसकी परेशानी गौरव राय को बताई और मदद का अनुरोध किया। इसके बाद गौरव राय ने फेसबुक पर अपील की। गयाजी के राकेश जी, मोकामा के मनोज जी, पटना सिटी के अमित कुमार और सीवान के ललितेश्वर राय समेत कई लोगों के सहयोग से साइकिल का इंतजाम हुआ।


इस मौके पर गौतम दत्ता, उनकी पत्नी रीना कुमारी और रवि रंजन कुमार मौजूद रहे। गौतम दत्ता ने सभी सहयोगियों के प्रति आभार जताया।


बिना एनजीओ के चल रहा सेवा अभियान

गौरव राय ने बताया कि वह बिना किसी एनजीओ के जरूरतमंदों की मदद का अभियान चला रहे हैं। व्हाट्सऐप और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जोड़कर जरूरत के मुताबिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। रविशंकर को दी गई साइकिल के साथ अब तक बिहार में 330 साइकिलें बांटी जा चुकी हैं। इसके अलावा 351 महिलाओं और लड़कियों को सिलाई मशीनें, 152 विद्यालयों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें और करीब छह हजार कॉपियां वितरित की गई हैं। बच्चों की पढ़ाई की सामग्री, महिलाओं के लिए इंडक्शन चूल्हे और प्रेशर कुकर तथा खेल का सामान भी उपलब्ध कराया गया है।


धनतेरस पर गौरव राय ने अपने सहकर्मियों को भी उपहार दिए। उन्होंने कहा कि उनके सहकर्मी उनके परिवार का हिस्सा हैं और उनके लिए कुछ कर पाना खुशी देता है।


107 बार रक्तदान कर चुके गौरव राय नई पीढ़ी को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करते हैं। उनका मानना है कि अच्छे काम के लिए एनजीओ बनाना जरूरी नहीं है। यदि जरूरतमंदों की सही जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए तो मदद करने वाले खुद आगे आते हैं। उन्होंने कहा, समाज में जातियां अलग हो सकती हैं, लेकिन इंसान होने के नाते किसी जरूरतमंद से मुंह नहीं मोड़ना चाहिए।