Bihar Politics: नीरज-अनंत विवाद के बीच ललन सिंह के घर पहुंचे नीतीश, सुबह सुबह15 मिनट तक हुई बंद कमरे में बातचीत, मुलाकात क्यों अहम?पढ़िए

Bihar Politics: जेडीयू के भीतर नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच चल रहे विवाद के बीच पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के आवास पर पहुंचे। ..

Nitish Meets Lalan
ललन सिंह के घर पहुंचे नीतीश- फोटो : reporter

Bihar Politics:बिहार की सियासत से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। जेडीयू के भीतर नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच चल रहे विवाद के बीच पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के आवास पर पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच करीब 15 मिनट तक बातचीत हुई। इस मुलाकात ने बिहार के सियासी गलियारे में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।

अनंत-नीरज विवाद के बीच मुलाकात क्यों अहम?

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार को लेकर मोकामा विधायक अनंत सिंह खुलकर विरोध का रुख अपना चुके हैं। अनंत सिंह जन सुराज प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार भी कर रहे हैं। दूसरी तरफ जेडीयू नेतृत्व नीरज कुमार के समर्थन में पूरी तरह खड़ा दिखाई दे रहा है।

ऐसे में नीतीश कुमार का सीधे ललन सिंह के आवास पर पहुंचना राजनीतिक तौर पर अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। खास बात यह है कि ललन सिंह का नाम पहले से ही इस विवाद को सुलझाने की कवायद से जुड़ा है। पार्टी स्तर पर उन्हें अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच मतभेद दूर करने की जिम्मेदारी दिए जाने की रिपोर्ट सामने आ चुकी है।

15 मिनट की मुलाकात, बढ़ी सियासी हलचल

बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार और ललन सिंह के बीच करीब 15 मिनट तक बातचीत हुई। मुलाकात के बाद नीतीश कुमार ललन सिंह के आवास से रवाना हो गए। हालांकि, बातचीत में क्या तय हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

इस मुलाकात को नीरज-अनंत विवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है। इससे पहले ललन सिंह ने भी कहा था कि वह बिना पक्ष लिए सुलह कराने में विश्वास रखते हैं और दोनों पक्ष तैयार हों तो समझौते की कोशिश की जा सकती है।

अब सवाल यह है कि 15 मिनट की इस बैठक में नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच जारी टकराव को लेकर क्या रणनीति बनी? क्या जेडीयू नेतृत्व इस विवाद को थामने के लिए कोई नया रास्ता निकालेगा? फिलहाल इन सवालों के जवाब का इंतजार है।

रिपोर्ट- अभिजीत सिंह