विधान परिषद में आवास योजना, एक्सप्रेसवे और अंडरपास के मुद्दे पर नीतीश सरकार से जवाब-तलब, हुआ बड़ा ऐलान
Bihar Vidhan Parishad : बिहार विधान परिषद में विभिन्न जनहित मुद्दों को लेकर सोमवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सवाल-जवाब का दौर चला। सबसे पहले राजद एमएलसी सौरव कुमार ने प्रधानमंत्री आवास योजना की धीमी प्रगति पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य में 12.20 लाख आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक केवल लगभग 2.85 लाख आवासों का निर्माण हुआ है, जबकि 9 लाख से अधिक आवास लंबित हैं।
सौरव कुमार ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा पिछले करीब पांच महीने से राशि का भुगतान नहीं किए जाने के कारण निर्माण कार्य की गति अत्यंत धीमी हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि भुगतान प्रक्रिया में बदलाव करते हुए राशि सीधे आरबीआई के माध्यम से देने की नई व्यवस्था लागू की गई है, लेकिन यह व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं हो पाई है, जिससे भुगतान बाधित हो रहा है।
इस पर मंत्री श्रवण कुमार ने जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार लंबित आवासों का शीघ्र निर्माण और लाभुकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार से समन्वय स्थापित कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समस्या का जल्द समाधान निकाला जाएगा। हालांकि सौरव कुमार ने कहा कि यह कोई छोटा समय नहीं है, बल्कि काफी लंबा विलंब हो चुका है। मंत्री ने पुनः आश्वस्त किया कि कार्य जल्द पूरा किया जाएगा।
एक्सप्रेसवे निर्माण की समयसीमा पर सवाल
वहीं जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने एक्सप्रेसवे निर्माण की समयसीमा पर सवाल उठाया। जवाब में सरकार की ओर से कहा गया कि भूमि अधिग्रहण की समस्या को जल्द निपटाया जाएगा और भूमि एवं राजस्व विभाग तथा वन एवं पर्यावरण विभाग के सहयोग से प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
अंडरपास की मांग
इसके अलावा राजद एमएलसी कुमार नागेंद्र ने गया जिले के बेलागंज स्थित एनएच-22 पर बेलाडीह नीमचक में अंडरपास निर्माण नहीं होने से हो रही दुर्घटनाओं का मुद्दा उठाया। पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि सरकार वहां शीघ्र अंडरपास बनाना चाहती है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग से अनुमति मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। कुमार नागेंद्र ने कहा कि यदि सरकार जल्द ध्यान देगी तो समाधान अवश्य निकलेगा।
वंदना की रिपोर्ट