चपरासी ने लालू की बेटियों को दी करोड़ों की जमीन': जेडीयू MLC नीरज कुमार का दस्तावेजों के साथ बड़ा धमाका, 'दान' के खेल पर उठाए सवाल
जेडीयू विधान पार्षद नीरज कुमार ने दस्तावेजों के साथ लालू परिवार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों (4th Grade Staff) ने जमीन खरीदकर लालू प्रसाद यादव की पत्नी और बेटियों को दान में दी है।
Patna - जेडीयू विधान पार्षद नीरज कुमार ने लालू परिवार पर भ्रष्टाचार का नया मोर्चा खोलते हुए पटना के महुआ बाग और सगुना क्षेत्र की जमीनों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दस्तावेजों के साथ दावा किया कि लालू परिवार ने दान के नाम पर करोड़ों की जमीनें अपने नाम करवाई हैं। नीरज कुमार ने इन संदिग्ध लेनदेन के आंकड़ों को सार्वजनिक करते हुए सवाल उठाया कि यह सीधे तौर पर पद के बदले लाभ लेने का मामला है।
चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों का 'दान' कनेक्शन
नीरज कुमार ने खुलासे में बताया कि पटना के धनोत महुआ बाग (खाता संख्या 173, प्लॉट 1548) की जमीन 29 मार्च 2008 को दो फोर्थ ग्रेड कर्मचारियों, हृदय आनंद चौधरी और ललन चौधरी ने खरीदी थी। चौंकाने वाली बात यह है कि यही जमीन 13 फरवरी 2014 को लालू प्रसाद यादव की पुत्री हेमा यादव को दान में दे दी गई। उन्होंने सवाल किया कि एक मामूली कर्मचारी के पास जमीन खरीदने और फिर उसे दान देने के लिए इतना पैसा कहाँ से आया।
सगुना की जमीन और राबड़ी देवी का नाम
भ्रष्टाचार का दूसरा मामला सगुना नया टोला (खाता संख्या 155, प्लॉट 277) से जुड़ा है। दस्तावेजों के अनुसार, ललन चौधरी नामक चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी ने 30 मार्च 2009 को यह जमीन खरीदी थी। महज कुछ वर्षों बाद, 25 जनवरी 2014 को यह बेशकीमती जमीन पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को दान के रूप में हस्तांतरित कर दी गई। नीरज कुमार ने इसे भ्रष्टाचार का एक स्पष्ट पैटर्न बताया है।
पुत्रियों के नाम पर कम कीमत में खरीद
तीसरे मामले में नीरज कुमार ने धनोत महुआ बाग (खाता संख्या 183, प्लॉट 1161) की चर्चा की। उन्होंने बताया कि 5 सितंबर 2003 को नीलम मिश्रा, नीलम झा और सरोज चौधरी ने लालू यादव की सुपुत्री अनुष्का राव (धुननु) को यह जमीन मात्र 5,31,000 रुपये में बेच दी थी। आरोप है कि बाजार मूल्य से काफी कम दाम पर यह सौदा प्रभाव का इस्तेमाल कर किया गया।
ए के इंफोसिस्टम और राबड़ी देवी का मालिकाना हक
चौथा मामला महुआ बाग की उस जमीन से संबंधित है जिसे हजारी राय से 'मेसर ए के इंफोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा लिया गया था। नीरज कुमार के अनुसार, इस कंपनी के तत्कालीन निदेशक अमित कटियाल थे, लेकिन वर्तमान में राबड़ी देवी खुद इस कंपनी की निदेशक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनियों के माध्यम से जमीन की अदला-बदली कर अवैध संपत्ति अर्जित की गई है।
आरजेडी का पलटवार और सरकारी जांच का आदेश
इन आरोपों पर आरजेडी विधान पार्षद उर्मिला ठाकुर ने कहा कि सत्ता पक्ष के नेता केवल अपने आकाओं को खुश करने के लिए लालू यादव का नाम लेते हैं, अन्यथा उनकी राजनीति नहीं चलेगी। दूसरी ओर, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें इस संबंध में शिकायतें मिली हैं और वे विभाग को इस पूरे मामले की गहन जांच करने के लिए निर्देशित करेंगे।