बिहार में 'निशांत' युग की शुरुआत: बीजेपी का होगा मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम बनेंगे नीतीश के बेटे!
सूबे के सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर जो सहमति बनी है, उसके अनुसार सूबे में भाजपा का मुख्यमंत्री होगा और उनके साथ 15 मंत्री शपथ लेंगे।महत्वपूर्ण बात यह है कि गृह मंत्रालय भाजपा के पास ही रहेगा।
सूबे कि सियासत में कयासों के बीच नई सरकार के गठन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। भाजपा (BJP) और जदयू (JDU) के बीच सत्ता की साझेदारी का फॉर्मूला तय हो चुका है। इस नए समीकरण में सबसे चौंकाने वाला नाम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का है, जो नई सरकार में डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी संभालेंगे।हालांकि पहले उन्हें सीएम बनाए जाने की चर्चा थी, लेकिन बिहार में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी बीजेपी ने मुख्यमंत्री पद अपने पास रखने का निर्णय लिया है।
मंत्रिमंडल का फॉर्मूला: सीएम और गृह मंत्रालय भाजपा, जदयू के पास 2 डिप्टी सीएम
सूबे के सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर जो सहमति बनी है, उसके अनुसार सूबे में भाजपा का मुख्यमंत्री होगा और उनके साथ 15 मंत्री शपथ लेंगे। वहीं, जदयू को दो डिप्टी सीएम पद और 16 मंत्री पद दिए जाएंगे। महत्वपूर्ण बात यह है कि गृह मंत्रालय भाजपा के पास ही रहेगा। वही विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) का पद भाजपा के पास रहने की संभावना है, जबकि विधान परिषद के सभापति का पद जदयू को मिल सकता है, हालांकि इस पर अंतिम मुहर लगना अभी बाकी है।
निशांत कुमार की नई भूमिका और जदयू की कमान
नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में कदम रखते ही बड़ी भूमिका में नजर आएंगे। उन्हें डिप्टी सीएम के साथ-साथ किसी महत्वपूर्ण मंत्रालय का प्रभार भी दिया जा सकता है। पार्टी सूत्रों की मानें तो निशांत इस जिम्मेदारी के लिए तैयार हैं और भविष्य में उन्हें बिहार में जदयू की कमान भी सौंपी जा सकती है। निशांत की एंट्री को जदयू में उत्तराधिकार के रूप में देखा जा रहा है, जिससे पार्टी को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
नीतीश कुमार का भविष्य: केंद्र में मंत्री नहीं, सलाहकार की भूमिका
बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भविष्य को लेकर बना संशय भी अब काफी हद तक साफ होता दिख रहा है। सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार दिल्ली जरूर गए हैं, लेकिन वे केंद्र सरकार में मंत्री पद स्वीकार नहीं करेंगे। वे राज्यसभा सांसद बने रहेंगे और बिहार की नई सरकार के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि 14 अप्रैल को नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं, जिसके बाद नई सरकार के शपथ ग्रहण का रास्ता साफ हो जाएगा।