गेहूं की दौरी के दौरान निकली चिंगारी ने मचाई तबाही, फसल जलने पर दो गांवों में खूनी संघर्ष, 5 घायल

पश्चिम चम्पारण के लौरिया में गेहूं की दौरी के दौरान आग लगने से ढाई एकड़ फसल जल गई। फसल बर्बादी को लेकर दो गांवों के बीच हुई मारपीट में 5 लोग घायल हो गए हैं।

गेहूं की दौरी के दौरान निकली चिंगारी ने मचाई तबाही, फसल जलने

Bettiah - : पश्चिम चम्पारण के लौरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बसवरिया पराउटोला पंचायत में शुक्रवार की शाम आग और हिंसा का तांडव देखने को मिला। हडवा सरेह में गेहूं की दौरी के दौरान निकली एक छोटी सी चिंगारी ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे ढाई एकड़ में खड़ी फसल जलकर राख हो गई। इस घटना के बाद फसल जलने को लेकर दो पक्षों के बीच उपजा विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया, जिसमें पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

दौरी के दौरान 'हडंबा' से निकली चिंगारी बनी काल

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 3 बजे किसान अपने खेतों में गेहूं की दौरी (Threshing) कर रहे थे। इसी दौरान थ्रेशर (हडंबा) से अचानक एक चिंगारी निकली और पास की सूखी फसल पर जा गिरी। तेज हवा के कारण आग ने तुरंत विकराल रूप ले लिया। इस अगलगी में बहादुर यादव, नईम मियां, धुरी राम, संदीप कुमार और ताज मोहम्मद अंसारी की लगभग ढाई एकड़ की फसल पूरी तरह जलकर बर्बाद हो गई।

फसल जलने पर दो गांवों के बीच जमकर चले लाठी-डंडे

आग की लपटों के साथ ही खेतों में तनाव भी बढ़ गया। फसल के नुकसान को लेकर पराउटोला और नवका पराउटोला गांव के लोग आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तू-तू मैं-मैं शुरू हुई, जो जल्द ही हिंसक मारपीट में बदल गई। इस संघर्ष में रमेश यादव, बहादुर यादव, विरेन्द्र यादव, नंदनी कुमारी और इनायत अंसारी घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज स्थानीय स्तर पर कराया जा रहा है।

मुखिया और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय मुखिया इंजीनियर शैलेश कुमार और राजस्व कर्मचारी मोहम्मद मोबसीर हसन जौहर तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित किसानों को ढांढस बंधाया और नुकसान का आकलन शुरू किया। साथ ही लौरिया थाना की पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर उग्र भीड़ को शांत कराया और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित किया।

थानाध्यक्ष का बयान: दोषियों पर होगी कार्रवाई

लौरिया थानाध्यक्ष रमेश कुमार शर्मा ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। आग लगने के सही कारणों और मारपीट में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। उन्होंने कहा, "प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है। शांति भंग करने वालों और मारपीट के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"

किसानों की मेहनत पर फिरा पानी, मुआवजे की गुहार

अपनी साल भर की मेहनत को आंखों के सामने राख होते देख किसानों का बुरा हाल है। पीड़ित किसानों ने सरकार और जिला प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है। अगलगी और उसके बाद हुई हिंसा ने पूरे इलाके में तनाव और गम का माहौल पैदा कर दिया है।

रिपोर्ट: आशीष कुमार