वृंदावन में मातम: यमुना में नाव पलटने से पंजाब के 10 पर्यटकों की मौत, मची चीख-पुकार

Mathura:मथुरा के वृंदावन में में यमुना नदी में स्टीमर पलटने से 10 लोगों की मौत हो गई है और कई लोग लापता हैं।डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने बतया कि इस हादसे में केशी घाट के पास हुए इस हादसे में अब तक 22 लोगों को पानी से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।

 10 tourists from Punjab die after boat capsizes in Yamuna
वृंदावन में मातम- फोटो : news 4 nation

धार्मिक नगरी मथुरा के वृंदावन में शुक्रवार दोपहर एक हृदय विदारक घटना सामने आई, जहाँ यमुना नदी के केसी घाट पर 30 पर्यटकों से भरी एक निजी नाव अचानक पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में 10 पर्यटकों की डूबने से मौत हो गई, जिनमें 7 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं। मृतकों में पति-पत्नी और पिता-बेटी जैसे करीबी रिश्तेदार भी थे। जानकारी के अनुसार, नाव में सवार सभी लोग पंजाब के रहने वाले थे और 'बांके बिहारी क्लब' के सदस्य के रूप में यहाँ दर्शन करने आए थे।


ओवरलोडिंग और सुरक्षा नियमों की अनदेखी बनी काल

शुरुआती जांच में हादसे की मुख्य वजह नाविक की लापरवाही और क्षमता से अधिक सवारियों को बिठाना सामने आई है। जिस नाव की क्षमता मात्र 15 लोगों की थी, उस पर नाविक ने 25 से अधिक श्रद्धालुओं को बिठा लिया था। सबसे गंभीर बात यह रही कि किसी भी पर्यटक ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। सेना के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लाइफ जैकेट पहनी होती, तो पीड़ितों को बचने के लिए पर्याप्त समय मिल सकता था। हादसे के तुरंत बाद आरोपी नाविक मौके से फरार हो गया।

तेज हवा और पीपा पुल से टकराकर पलटी नाव

हादसे के वक्त मौजूद प्रत्यक्षदर्शी मनोहर लाल ने बताया कि नदी के बीच में अचानक तेज हवाएं चलने लगी थीं, जिससे नाव डगमगाने लगी। असंतुलित होकर नाव की गति बढ़ गई और वह सीधे नदी में स्थित पीपा पुल (पांटून पुल) से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि नाव तुरंत पलट गई और सभी लोग गहरे पानी में समा गए। जिला प्रशासन के अनुसार, हादसा दोपहर करीब 3 बजे हुआ, जब पर्यटक बांके बिहारी मंदिर से दर्शन कर घाट की ओर बढ़ रहे थे।


सेना और NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

घटना की सूचना मिलते ही मथुरा के डीएम चंद्र प्रकाश सिंह और डीआईजी शैलेश पांडेय भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राहत और बचाव कार्य के लिए सेना की इंजीनियरिंग कोर को बुलाया गया है। साथ ही गाजियाबाद से NDRF की टीम भी सर्च ऑपरेशन में जुट गई है। अब तक 12 घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुँचाया गया है, जबकि 3 से 5 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में गोताखोर लगातार जुटे हुए हैं।