नवादा जदयू में ' नीतीश कुमार ने अति पिछड़ा कार्ड खेल विरोधियों को दी पटकनी, इन्हें बनाया जिलाध्यक्ष

नवादा जदयू में लंबे समय से जारी अंतर्कलह थमी; मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजकिशोर प्रसाद दांगी को सौंपी जिले की कमान, कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह।

 नवादा जदयू में ' नीतीश कुमार ने अति पिछड़ा कार्ड खेल विरोधि

Nawada - नवादा जिले में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के भीतर जिलाध्यक्ष पद को लेकर चल रही लंबी खींचतान और गुटबाजी पर आखिरकार विराम लग गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सीधी सहमति के बाद पार्टी ने अकबरपुर प्रखंड के जिला परिषद सदस्य राजकिशोर प्रसाद दांगी को नवादा जिला का नया जिलाध्यक्ष मनोनीत किया है। इस फैसले के बाद न केवल पार्टी के भीतर का विवाद सुलझ गया है, बल्कि जिले के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। समर्थकों का मानना है कि इस नियुक्ति से संगठन को एक अनुभवी और जमीनी चेहरा मिला है। 

अति पिछड़ा वर्ग को बड़ा प्रतिनिधित्व

राजकिशोर प्रसाद दांगी की नियुक्ति को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की 'सोशल इंजीनियरिंग' के मास्टरस्ट्रोक के रूप में देखा जा रहा है। दांगी अति पिछड़ा समाज से आते हैं और संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। इससे पहले वे प्रदेश स्तर पर जदयू के महासचिव पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। नवादा की राजनीति में अति पिछड़ा वोट बैंक की निर्णायक भूमिका को देखते हुए, उन्हें कमान सौंपकर जदयू ने आगामी चुनावों के लिए अपनी घेराबंदी मजबूत कर ली है। 

ऐतिहासिक स्वागत समारोह ने दर्ज किया रिकॉर्ड

मनोनयन के बाद नवादा पहुंचे राजकिशोर प्रसाद दांगी का उनके आवास पतंग नाला (अकबरपुर) पर जो स्वागत हुआ, उसे स्थानीय लोग जिले के राजनीतिक इतिहास का सबसे भव्य समारोह बता रहे हैं। हजारों की संख्या में उमड़े कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और गगनभेदी नारों के साथ अपने नए अध्यक्ष का अभिनंदन किया। इस दौरान पुराने और नए कार्यकर्ताओं का एक साथ जुटना यह संकेत दे रहा है कि दांगी सभी गुटों को साथ लेकर चलने में सफल रहेंगे। 

संगठन में नई ऊर्जा और चुनावी रणनीति

जदयू के शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि राजकिशोर प्रसाद दांगी का प्रशासनिक अनुभव (जिला परिषद सदस्य के रूप में) और सांगठनिक पकड़ पार्टी को बूथ स्तर पर मजबूत करेगी। पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में अति पिछड़ा वर्ग ने जदयू के पक्ष में बेहतर काम किया था, और अब दांगी की अगुवाई में इस वोट बैंक को और अधिक संगठित करने की योजना है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनकी नियुक्ति से पार्टी में नई जान आ गई है। 

अंतर्कलह पर लगा पूर्ण विराम

पिछले कई महीनों से नवादा जदयू दो गुटों के बीच बंटी नजर आ रही थी, जिससे कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति थी। राजकिशोर प्रसाद दांगी के नाम पर मुहर लगने के साथ ही पार्टी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अनुशासन और अनुभव को प्राथमिकता दी जाएगी। नए जिलाध्यक्ष ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट करते हुए कहा है कि उनका मुख्य लक्ष्य मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाना और संगठन को अभेद्य बनाना है।

रिपोर्ट - अमन सिन्हा