Bihar News : बेगूसराय पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, सैफ जवान हत्याकांड के 10 हजार के इनामी 'गोरखा' को किया गिरफ्तार
BEGUSARAI : बेगूसराय में करीब 9 साल पहले हुए बहुचर्चित सैफ (S.A.F.) जवान हत्याकांड मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से कानून की आंखों में धूल झोंक रहे कुख्यात अपराधी गोरेलाल सदा उर्फ गोरखा को पुलिस ने दबोच लिया है। उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह कांड संख्या 71/15 में मुख्य आरोपियों में से एक था।
चांदपुरा पुलिस की सटीक घेराबंदी, लंबे समय से था फरार
गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए चांदपुरा थाना प्रभारी विवेक कुमार ने बताया कि पुलिस टीम को गोरेलाल सदा की लोकेशन के बारे में पुख्ता जानकारी मिली थी। आरोपी गोरेलाल, कुख्यात अपराधी बौनू सदा का पुत्र है। बौनू सदा इसी हत्याकांड के मामले में पहले से ही जेल की सलाखों के पीछे है, जबकि उसका बेटा गोरेलाल गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था।
सैफ जवान सुरेंद्र यशवंत हुए थे शहीद
यह मामला साल 2015 का है, जब अपराधियों के साथ हुई एक भीषण मुठभेड़ के दौरान सैफ जवान सुरेंद्र यशवंत शहीद हो गए थे। इस घटना ने पूरे पुलिस महकमे और जिले को झकझोर कर रख दिया था। जवान की शहादत के बाद से ही पुलिस इस गिरोह के खात्मे और फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए जाल बिछा रही थी।
10 हजार का इनामी: पुलिस के लिए था बड़ी चुनौती
गोरेलाल सदा उर्फ गोरखा की गिरफ्तारी बेगूसराय पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। उसकी आपराधिक गतिविधियों और फरार रहने के कारण ही उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह इलाके के कई अन्य गंभीर मामलों में भी वांछित रहा है।
जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा कुख्यात
थाना अध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है और आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस गिरफ्तारी से पुलिस ने राहत की सांस ली है, क्योंकि एक शहीद जवान के हत्यारे का इतने सालों तक बाहर रहना व्यवस्था के लिए चुनौती था। अब पुलिस इस मामले में स्पीडी ट्रायल के जरिए दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की तैयारी में है।
अजय शास्त्री की रिपोर्ट