नवनियुक्त भाजपा पदाधिकारियों के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की बैठक संपन्न, संगठन को मजबूत करने को लेकर दिया यह टास्क
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में गुरुवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों की एक हाई-प्रोफाइल बैठक संपन्न हुई। बैठक में संगठन विस्तार, बूथ सशक्तिकरण और आगामी जनसंपर्क अभियानों को लेकर रणनीति बनी.
Patna : भारतीय जनता पार्टी के पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में मुख्य रूप से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बिहार प्रदेश के नवनियुक्त पदाधिकारियों के साथ पहली बार विस्तृत संवाद किया। बैठक के दौरान संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, आगामी कार्ययोजना को गति देने तथा जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की भूमिका को प्रभावी बनाने को लेकर बेहद सार्थक एवं सकारात्मक चर्चा हुई। इस अवसर पर बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया तथा बिहार सह प्रभारी दीपक प्रकाश भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
'पद जिम्मेदारी और राष्ट्र सेवा का अवसर' - नितिन नवीन
बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों को नई पारी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि संगठन द्वारा दी गई जिम्मेदारी केवल एक पद नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति निस्वार्थ सेवा का एक बड़ा अवसर है। उन्होंने भाजपा को केवल एक राजनीतिक दल न बताकर राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ कार्य करने वाला वैचारिक संगठन करार दिया। नितिन नवीन ने सभी पदाधिकारियों से अपेक्षा की कि वे पूरी निष्ठा, समर्पण और सक्रियता के साथ संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने का कार्य करें और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं।
पदाधिकारियों को नसीहत: स्वभाव न बदलें, व्यक्तिवादी बनने से बचें
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने नवनियुक्त टीम को काम करने के तौर-तरीकों को लेकर कई महत्वपूर्ण नसीहतें भी दीं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि पद मिलने के बाद पदाधिकारियों को अपना स्वभाव नहीं बदलना चाहिए और सभी के साथ उत्साहपूर्वक व्यवहार रखना चाहिए। उन्होंने नेताओं को 'व्यक्तिवादी' बनने से बचने की सलाह देते हुए कहा कि भाजपा की कार्यशैली सामूहिक नेतृत्व और संगठनात्मक अनुशासन पर टिकी है। इसके साथ ही उन्होंने नेताओं को नियमित प्रवास (दौरे) करने, केवल अधिकृत कार्य ही हाथ में लेने और जिला कोर कमेटी की बैठक अनिवार्य रूप से प्रत्येक माह आयोजित करने का निर्देश दिया।
संगठन में 10 से 15 प्रतिशत नए सदस्य बनाने का मिला टास्क
संगठन विस्तार को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बैठक में एक बड़ा लक्ष्य (टास्क) निर्धारित किया। उन्होंने पदाधिकारियों से कहा कि जितना हो सके समाज के नए लोगों को पार्टी की विचारधारा से जोड़ें। उन्होंने संगठन में कम से कम 10 से 15 प्रतिशत नए सदस्य बनाने का टास्क लाइव दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 'शक्ति केंद्र' स्तर को सबसे मजबूत इकाई बनाने और संगठन को लेकर निमित्त (नियमित) बैठकें करने की बात कही। कार्यों के सुचारू विभाजन के लिए उन्होंने 20 सूत्री कार्यकर्ताओं के बीच जिम्मेदारी तय करने और उनके बीच कार्य बांटने की रणनीति पर भी जोर दिया।
बूथ सशक्तिकरण और आगामी जनसंपर्क अभियानों पर बनी रणनीति
इस उच्च स्तरीय बैठक के अंतिम सत्र में आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों, सदस्यता विस्तार, बूथ सशक्तिकरण और विभिन्न मोर्चों व प्रकोष्ठों की भावी कार्ययोजना को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने व्यक्तिगत रूप से सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों के सुझाव और जमीनी फीडबैक को सुना। उन्होंने अंत में दोहराया कि भाजपा का सबसे बड़ा सामर्थ्य उसका समर्पित संगठन और कर्मठ कार्यकर्ता हैं, इसलिए आने वाले समय की महत्ता को देखते हुए प्रत्येक पदाधिकारी को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ऊर्जा, प्रतिबद्धता और निरंतर जनसंपर्क के माध्यम से करना होगा।
वंदना की रिपोर्ट