वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डीडीसी ने की हाई-लेवल समीक्षा, मनरेगा कार्यों में तेजी लाने का दिया निर्देश

सुपौल जिले में मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति को लेकर गुरुवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। डीडीसी सारा अशरफ ने मानव दिवस सृजन में कम प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों को फटकार लगाई...

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डीडीसी ने की हाई-लेवल समीक्षा,
डीडीसी ने मनरेगा कार्यों में तेजी लाने का दिया निर्देश- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले में मनरेगा (MGNREGA) योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर हासिल करने को लेकर गुरुवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समाहरणालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त (DDC) सारा अशरफ ने की। इस ऑनलाइन बैठक में डीआरडीए के निदेशक अनित कुमार, मनरेगा के डीपीओ कृष्णकांत सिंह और कार्यपालक अभियंता सहित जिले के सभी प्रखंडों के कार्यक्रम पदाधिकारी (PO), कनीय अभियंता (JE) एवं पंचायत तकनीकी सहायक मुख्य रूप से जुड़े रहे।


लेबर इंगेजमेंट बढ़ाने और मानव दिवस सृजन में सुधार की हिदायत

बैठक के दौरान डीडीसी ने मनरेगा के विभिन्न तकनीकी और व्यावहारिक बिंदुओं पर बिंदुवार विस्तार से चर्चा की। मानव दिवस सृजन (Man-days Generation) की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने उन प्रखंडों के प्रति नाराजगी जताई जिनका प्रदर्शन अब तक अपेक्षाकृत कम या असंतोषजनक पाया गया है। डीडीसी ने संबंधित प्रखंडों के कार्यक्रम पदाधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिया कि वे धरातल पर चल रहे कार्यों में तेजी लाकर अपनी उपलब्धि में सुधार करें। साथ ही, मनरेगा योजनाओं में ग्रामीण श्रमिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए दैनिक लेबर इंगेजमेंट में तत्काल वृद्धि सुनिश्चित करने को कहा गया।


जल संसाधन विभाग की योजनाओं को समय पर पूरा करने का अल्टीमेटम

मनरेगा के तहत केवल नए कार्य ही नहीं, बल्कि अंतर-विभागीय समन्वय से चल रही योजनाओं पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। बैठक में जल संसाधन विभाग (WRD) से संबंधित मनरेगा योजनाओं की प्रगति की भी बारीकी से समीक्षा की गई। उप विकास आयुक्त ने तकनीकी अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया कि जल संचयन और सिंचाई से जुड़ी इन महत्वपूर्ण योजनाओं की गति को बढ़ाया जाए और इन्हें हर हाल में निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराया जाए, ताकि कोसी क्षेत्र के किसानों को इसका समय पर सीधा लाभ मिल सके।


पीएम आवास योजना के लाभार्थियों के लिए मस्टर रोल जारी करने का आदेश

ग्रामीण विकास के एक अन्य महत्वपूर्ण घटक 'प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण' (PMAY-G) से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए डीडीसी सारा अशरफ ने सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को फील्ड स्तर पर सक्रियता बढ़ाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि जितने भी स्वीकृत और योग्य लाभुक हैं, उनके लिए बिना किसी प्रशासनिक देरी के शीघ्र ई-मस्टर रोल (e-Muster Roll) जारी किया जाए। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से न केवल पात्र परिवारों के आवास निर्माण कार्यों को नई गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।


जल-जीवन-हरियाली के तहत 'जलदूत ऐप' पर डाटा फीडिंग को प्राथमिकता

बैठक के अंतिम सत्र में सरकार के महत्वाकांक्षी 'जल-जीवन-हरियाली अभियान' की प्रगति को परखा गया। इसके तहत संचालित 'जलदूत मोबाइल ऐप' के माध्यम से किए जा रहे डाटा संग्रहण (Data Collection) के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया। उप विकास आयुक्त सारा अशरफ ने सभी पीओ को कड़ा निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पंचायत रोजगार सेवकों (PRS) का पूरा सहयोग लें और आगामी एक सप्ताह के भीतर आवश्यक डाटा संकलन का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर रिपोर्ट सौंपें। उन्होंने साफ किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित मॉनिटरिंग जारी रहेगी।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट