पूर्व सीएम नीतीश पर मुकेश सहनी का तंज, समाजवाद की दुहाई देने वाले वंशवाद के आगे टेक दिए घुटने

बिहार के पूर्व मंत्री और वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहने ने निशांत कुमार को मंत्री बनाए पर पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा है। वहीं उन्होने पीएम मोदी को तानाशाह और चुनाव आयोग को बीजेपी का एजेंट बताया है....

पूर्व सीएम नीतीश पर मुकेश सहनी का तंज, समाजवाद की दुहाई देने
पीएम मोदी और पूर्व सीएम नीतीश पर मुकेश सहनी का तंज- फोटो : रंजीत कुमार

Patna : विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने बिहार कैबिनेट में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को शामिल किए जाने पर निशाना साधा है। पटना मे आज मीडिया से बातचीत के दौरान सहनी ने कहा कि नीतीश कुमार हमेशा खुद को लोहिया और जेपी के समाजवाद का सच्चा उत्तराधिकारी बताते रहे हैं, लेकिन अपने बेटे को सीधे मंत्री बनाकर उन्होंने खुद के ही सिद्धांतों की बलि दे दी है। सहनी ने तंज कसते हुए कहा कि नीतीश कुमार जैसे कद्दावर नेता से इस तरह के 'परिवारवाद' की उम्मीद कभी नहीं थी।


मुकेश सहनी ने पूर्व मुख्यमंत्री पर हमला जारी रखते हुए कहा कि नीतीश कुमार की राजनीति अब पूरी तरह से पलट गई है। उन्होंने कहा, "हमें नीतीश कुमार पर हंसी आती है कि जो व्यक्ति जीवन भर परिवारवाद के खिलाफ लड़ता रहा, आज वह अपनी राजनीतिक विरासत बचाने के लिए उसी रास्ते पर चल पड़ा है।" 


वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए मुकेश सहनी ने केंद्र सरकार की कार्यशैली की तुलना 'हिटलरशाही' से की। उन्होंने प्रधानमंत्री को लेकर बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। सहनी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां केवल सत्ता पर एकाधिकार जमाने के लिए हैं, जिसमें आम जनता और पिछड़ों के हितों को दरकिनार कर तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है।


देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हुए पूर्व मंत्री ने चुनाव आयोग को सीधे कटघरे में खड़ा किया। सहनी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अब एक स्वतंत्र संस्था के बजाय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 'एजेंट' के रूप में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश में अब निष्पक्ष चुनाव होना मुश्किल लग रहा है क्योंकि आयोग की डोर सत्ताधारी दल के हाथों में है। सहनी ने कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए आयोग का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार की तरह किया जा रहा है।


सहनी ने अंत में कहा कि बिहार की जनता इस अवसरवादी राजनीति को देख रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि समाजवाद के नाम पर परिवारवाद को बढ़ावा देना और संस्थाओं को गुलाम बनाना लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है। वीआईपी प्रमुख ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में वे इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएंगे और एनडीए सरकार के दोहरे चरित्र का पर्दाफाश करेंगे। 


रंजीत की रिपोर्ट