Anant Singh News: साक्ष्य के अभाव में बरी हुए मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह, इस मामले में मिली बड़ी राहत, आएंगे जेल से बाहर?

Anant Singh News: मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को पटना सिविल कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में अनंत सिंह को बरी कर दिया है। ऐसे में अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि अनंत सिंह कब जेल से बाहर आएंगे..हालांकि फिलहाल उनका जेल से बाह

अनंत सिंह
साक्ष्य के अभाव में बरी हुए अनंत सिंह - फोटो : social media

Anant Singh News: मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने अनंत सिंह को एक मामले में बरी कर दिया है। कोर्ट ने बुधवार को यह फैसला सुनाया है। मामला करीब 11 साल पुराना बताया जा रहा है जो विशेष अदालत में विचाराधीन था। हालांकि अनंत सिंह को अब भी जेल में रहना होगा। क्योंकि कोर्ट ने उन्हें 11 साल पहले मामले में बरी किया है और फिलहाल अनंत सिंह मोकामा में हुए दुलारचंद हत्याकांड मामले में बेऊर जेल में बंद हैं। अनंत सिंह को फिलहाल इस मामले में राहत नहीं मिली है।  

साक्ष्य के अभाव में हुए बरी 

जानकारी अनुसार पटना सिविल कोर्ट के एमपी-एमएलए मामलों की विशेष न्यायिक दंडाधिकारी पंकज कुमार मालवीय की अदालत ने बुधवार को 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के आपराधिक मामले में मोकामा विधायक अनंत कुमार सिंह को बरी कर दिया। यह मामला करीब 11 वर्ष पुराना था और विशेष अदालत में विचाराधीन था। बुधवार को मोकामा विधायक अनंत कुमार सिंह को बेऊर जेल से विशेष अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने साक्ष्य के अभाव में उन्हें आरोपों से मुक्त करने का आदेश दिया।

क्या है पूरा मामला

जानकारी अनुसार इस मामले में बंटू सिंह भी आरोपित थे। अदालत ने उन्हें भी साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। अनंत सिंह के अधिवक्ता सुनील कुमार ने बताया कि यह मामला श्रीकृष्णापुरी थाना क्षेत्र का है, जो वर्ष 2014 में दर्ज किया गया था। मामले के अनुसार, सूचक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि बंटू सिंह समेत चार लोग उनके घर में घुस आए और धमकी देते हुए कहा कि अनंत सिंह को 10 करोड़ रुपये पहुंचा दिए जाएं। 

कोर्ट का बड़ा फैसला 

पुलिस ने जांच के बाद मोकामा विधायक अनंत सिंह और बंटू सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। हालांकि, सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से केवल अनुसंधानकर्ता ने ही गवाही दी। अन्य गवाह अदालत में उपस्थित नहीं हुए और न ही साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। इसी आधार पर अदालत ने दोनों आरोपितों को बरी करने का फैसला सुनाया।

दुलारचंद मामले में जेल में बंद है अनंत सिंह 

गौरतलब है कि अनंत सिंह को विधानसभा चुनाव के दौरान टाल इलाके में हुई हिंसक झड़प के मामले में गिरफ्तार किया गया था। प्रचार के दौरान हुई इस घटना में विरोधी पक्ष के दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी, जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया था और अनंत सिंह की गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई थी। इसके बाद पटना पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने गिरफ्तारी के बाद कहा था कि दुलारचंद यादव की हत्या के समय अनंत सिंह घटनास्थल पर मौजूद थे और इसी आधार पर उन्हें हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान उनकी मौजूदगी के सबूत मिले हैं।

दो बार खारिज हुई याचिका

अनंत सिंह ने दो बार पटना सिविल कोर्ट में दुलारचंद हत्याकांड मामले में जमानत की याचिका दाखिल कर चुके हैं लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। माना जा रहा अनंत सिंह हाईकोर्ट का शरण ले सकते हैं। हालांकि फिलहाल इसको लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है। मालूम हो कि अनंत सिंह 2025 के विधानसभा चुनाव में अपने विरोधी वीणा देवी को जेल में रहते हुए ही करारी मात भी दी लेकिन अब तक उन्होंने विधायक पद की शपथ नहीं ली है। माना जा रहा है कि जमानत मिलने के बाद अनंत सिंह विधायक पद की शपथ लेंगे। अब देखना होगा कि अनंत सिंह को इस मामले में कब राहत मिलती है।