Nishant Kumar Marriage:शादी कब करिएगा भैया?…गांव की महिलाओं के सवाल पर शर्मा गए निशांत, बिहार की सियासत में फ्यूचर सीएम की एंट्री से मचा सियासी हंगामा
Nishant Kumar Marriage: महिलाओं और बुजुर्गों ने जब निशांत को घेर लिया तो आशीर्वाद देने के साथ एक महिला ने मुस्कुराते हुए सीधा सवाल दाग दिया-“अब शादी कब कर रहे हैं? शादी कर लीजिए और परिवार को आगे बढ़ाइए।”...
Nishant Kumar Marriage:बिहार की सियासत इन दिनों दिलचस्प मोड़ पर खड़ी है। सत्ता के गलियारों में जहां नई सियासी पटकथा लिखी जा रही है, वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की एंट्री में राजनीतिक माहौल को और भी गंभीर बना दिया गया है। हाल ही में जनता दल यूनाइटेड की सदस्यता लेने के बाद निशांत अब पूरी तरह से कार्यस्थल में उतरते नजर आ रहे हैं।सदस्यता लेने के बाद निशांत पहली बार अपने पैतृक गांव कल्याण बीघा पहुंचे। गांव में उनका स्वागत किसी बड़े नेता से कम नहीं हुआ। ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और नारों के बीच कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने उन्हें हाथोंहाथ लिया। माहौल ऐसा था मानो गांव को अपना नया सियासी सितारा मिल गया हो।
इसी दौरान एक दिलचस्प वाकया भी सामने आया जिसने पूरे माहौल को हल्का-फुल्का और मजेदार बना दिया। गांव की महिलाओं और बुजुर्गों ने जब निशांत को घेर लिया तो आशीर्वाद देने के साथ एक महिला ने मुस्कुराते हुए सीधा सवाल दाग दिया—“अब शादी कब कर रहे हैं? शादी कर लीजिए और परिवार को आगे बढ़ाइए।” यह सुनते ही निशांत कुमार हल्का सा शर्मा गए। उन्होंने मुस्कुराते हुए बात को टाल दिया और बस इतना कहा “सब ठीक है ना?” इसके बाद वे आगे बढ़ गए।
गांव में उनकी मौजूदगी के दौरान जेडीयू कार्यकर्ताओं का जोश देखते ही बन रहा था। पूरे इलाके में “निशांत कुमार जिंदाबाद” और “हमारा सीएम कैसा हो, निशांत भैया जैसा हो” जैसे नारे गूंजने लगे। इन नारों ने साफ कर दिया कि जेडीयू के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की उम्मीदें अब निशांत से भी जुड़ने लगी हैं।
सियासी हलकों में यह भी चर्चा तेज हो गई है कि आने वाले समय में निशांत कुमार को नीतीश कुमार के राजनीतिक वारिस के तौर पर तैयार किया जा सकता है। गांव में जिस तरह से उन्हें ‘भविष्य का मुख्यमंत्री’ बताया गया, उसने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
निशांत ने भी गांव वालों से मुलाकात के दौरान भावुक लहजे में कहा कि उनका बचपन इसी मिट्टी में बीता है और वे अपने पिता के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगे। उनके इन शब्दों ने गांव के लोगों को भावुक कर दिया।कुल मिलाकर बिहार की सियासत में अब एक नया चेहरा तेजी से उभरता दिखाई दे रहा है। सवाल यही है क्या यह सियासी शुरुआत आगे चलकर सच में मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचेगी, या अभी यह महज राजनीति की दिलचस्प इबारत भर है?