सिस्टम की शर्मनाक तस्वीर: पैदल रिसेप्शन में गई दुल्हन, सड़क तोड़कर छोड़ा मलबा, 30 हजार लोगों का रास्ता बंद

पटना के मनेर में नगर परिषद की लापरवाही से बस्ती रोड नरक बन गया है। सड़क तोड़कर मलबा छोड़ने से शादी के सीजन में दुल्हन को पैदल जाना पड़ा। व्यापारियों का धंधा ठप, 30 हजार लोग परेशान। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

Maner Road Construction Debris Issue

पटना जिले के मनेर शहरी क्षेत्र के मुख्य बाजार 'बस्ती रोड' पर नई सड़क बनाने के नाम पर पुरानी सड़क को उखाड़ दिया गया है, लेकिन मलबा न हटाए जाने से स्थिति नारकीय हो गई है। पिछले एक सप्ताह से सड़क पर मलबे का अंबार लगा होने के कारण पैदल चलना तक दूभर है। इस लापरवाही से मनेर के मुख्य बाजार से जुड़े लगभग 30 हजार से अधिक लोग सीधे तौर पर प्रभावित हैं। स्कूली बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक का घर से निकलना मुश्किल हो गया है और प्रशासन की सुस्ती आम जनजीवन पर भारी पड़ रही है।


शादी के सीजन में बढ़ी मुसीबत, पैदल रिसेप्शन में पहुंची दुल्हन

लगन और शादी-विवाह के इस मौसम में सड़क की बदहाली ने खुशियों में खलल डाल दिया है। आलम यह है कि काजी मोहल्ला में एक दूल्हे की फूलों से सजी कार मलबे के कारण दरवाजे तक नहीं पहुंच सकी, जिसके चलते नई नवेली दुल्हन को अपनी ही रिसेप्शन पार्टी में पैदल चलकर जाना पड़ा। इतना ही नहीं, सड़क की उबड़-खाबड़ स्थिति और रास्ता बंद होने के कारण इस मार्ग पर रहने वाले कई परिवारों ने अपने घरों में होने वाली शादियां तक स्थगित कर दी हैं। लोग अब इस 'विकास' को सजा मानने लगे हैं।

मंडी में सन्नाटा: व्यापारियों का धंधा चौपट, ग्राहकों ने मोड़ा मुंह

मनेर की प्रमुख व्यावसायिक मंडी और कन्या विद्यालय जैसे महत्वपूर्ण संस्थान इसी मार्ग पर स्थित हैं। स्वर्ण व्यवसायी श्रीकांत सोनी, बबलू गुप्ता और धर्मेंद्र जायसवाल सहित दर्जनों कारोबारियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि शादी के सीजन में जहां बाजार गुलजार होना चाहिए था, वहां आज सन्नाटा पसरा है। सड़क टूटी होने के कारण ग्राहक मंडी नहीं आ पा रहे हैं, जिससे करोड़ों का व्यवसाय ठप हो गया है। दुकानदारों का कहना है कि सुस्त कार्यप्रणाली ने उनकी कमर तोड़ कर रख दी है।


ठेकेदार की दबंगई: "जहां शिकायत करनी है करो", प्रशासन ने दिया आश्वासन


हैरानी की बात यह है कि जब स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने ठेकेदार के कर्मियों से मलबा हटाने का अनुरोध किया, तो उन्होंने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय अभद्रता की। कर्मियों ने चुनौती देते हुए कहा कि "सरकार से टेंडर मिला है, जहां शिकायत करनी है (डीएम-सीएम) करो, हमारा कुछ नहीं बिगड़ेगा।" इस मामले में नगर परिषद के उप मुख्य पार्षद शंकर कुमार यादव ने हस्तक्षेप करते हुए कहा है कि ठेकेदार को सख्त निर्देश दिए गए हैं और एक-दो दिन के भीतर मलबा हटाकर रास्ता साफ कर दिया जाएगा।