बिहार में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ₹1.5 लाख का मुफ्त इलाज, स्मार्ट ट्रैफिक के लिए ITMS होगा लागू: विजय चौधरी
बिहार सरकार का बड़ा फैसला: सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ₹1.5 लाख का मुफ्त इलाज। राज्य में लागू होगा स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम (ITMS) और ड्राइवरों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें
पटना में परिवहन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री-सह-परिवहन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने 'जान है तो जहान है' के संकल्प को दोहराया। सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए एक ऐतिहासिक घोषणा की है, जिसके तहत अब आपातकालीन ट्रॉमा सेंटर में घायलों को ₹1,50,000 तक का मुफ्त इलाज मुहैया कराया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य 'गोल्डन आवर' (दुर्घटना के तुरंत बाद का समय) में घायलों को बिना किसी वित्तीय बाधा के त्वरित चिकित्सा उपलब्ध कराना है, ताकि मृत्यु दर को कम किया जा सके।
ITMS से सुधरेगी ट्रैफिक व्यवस्था, PPP मोड पर होगी 'स्मार्ट निगरानी'
राजधानी पटना सहित राज्य के प्रमुख शहरों में ट्रैफिक जाम और नियमों के उल्लंघन की समस्या से निपटने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लागू करने का निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था पीपीपी (PPP) मोड पर संचालित होगी, जिससे यातायात प्रबंधन का आधुनिकीकरण होगा। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सड़क हादसों का 'माइनर' और 'मेजर' श्रेणियों में वर्गीकरण कर उनके मूल कारणों का गहराई से विश्लेषण किया जाए, ताकि सड़क सुरक्षा के लिए एक ठोस और प्रभावी कार्ययोजना बनाई जा सके।
लापरवाह चालकों पर सख्त कार्रवाई, ट्रेनिंग के लिए मिलेगा प्रोत्साहन भत्ता
सड़क सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए ड्राइवरों की जिलावार ट्रैकिंग की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि भारी वाहन (HMV) चालक तीन रिमाइंडर के बाद भी अनिवार्य ट्रेनिंग में उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनके विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रशिक्षित ड्राइवरों को प्रोत्साहित करने के लिए 1 मई 2026 से नई व्यवस्था लागू होगी, जिसके तहत ट्रेनिंग के दौरान उन्हें 100 रुपये अल्पाहार और 200 रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाएंगे। इसके साथ ही अब प्रदेश के हर जिले में पूरे साल ड्राइविंग टेस्टिंग की स्थायी व्यवस्था रहेगी।
जल परिवहन को बढ़ावा: गाद हटाकर नदियों में बनाया जाएगा जलमार्ग
बिहार में यातायात के वैकल्पिक और सस्ते साधनों के विकास के लिए जल परिवहन पर विशेष बल दिया गया है। उपमुख्यमंत्री ने नदियों में बढ़ती गाद (Silt) की समस्या पर चिंता जताई और निर्देश दिया कि नदियों की गहराई बढ़ाकर उन्हें जलमार्ग के अनुकूल बनाया जाए। बैठक में परिवहन सचिव श्री राज कुमार और अन्य वरीय पदाधिकारियों ने विभाग की अद्यतन स्थिति और भविष्य की योजनाओं का खाका पेश किया, जिससे राज्य की परिवहन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जनोपयोगी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकें।
रिपोर्ट - धीरज पराशर