पीएम के देश के नाम संबोधन पर भड़का कांग्रेस, कहा-सदन में विधायी अपमान से विचलित है प्रधानमंत्री

Delhi : महिला आरक्षण को लेकर पीएम मोदी के देश के नाम संबोधन पर विपक्ष ने जमकर हमला बोला. विपक्ष ने उनके संबोधन को ड्रामाबाजी और सदन में विधायी अपमान से विचलित होना करार दिया है.....

पीएम के देश के नाम संबोधन पर भड़का कांग्रेस, कहा-सदन में विध

Desk : संसद में महिला आरक्षण बिल के लोकसभा में पास न होने के एक दिन बाद बीते शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीने देश के नाम अपना संबोधन दिया. इस दौरान उन्होने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने विपक्ष को महिला विरोधी करार देते कहा कि विपक्ष ने अपने स्वार्थ के कारण इस बिल को पारित नहीं होने दिया है.पीएम मोदीने कहा कि देश की नारी शक्ति सब देख रही है, बिल गिरा तो  मुझे बहुत दुख हुआ. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया और उनके सपनों को बेरहमी से कुचल गया है. 


इधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विपक्ष को महिला-विरोधी करार दिए जाने पर कई नेताओं ने कड़ी आलोचना की है. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे समेत कई नेताओं ने इसपर अपनी प्रतिक्रिया दी है.


महिलाएं नहीं कांग्रेस बीजेपी की प्राथमिकता : खरगे 


कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी के भाषण में अपनी पार्टी का जिक्र कितनी बार हुआ, इसकी गिनती करते हुए बताया कि इसकी संख्या 59 थी. खरगे ने कहा कि मोदी जी ने कांग्रेस का जिक्र 59 बार किया और महिलाओं का जिक्र तो बस कुछ ही बार. इससे देश को उनकी प्राथमिकताओं के बारे में सब कुछ पता चल जाता है. उन्होंने आगे कहा कि महिलाएं बीजेपी की प्राथमिकता नहीं हैं. कांग्रेस है, क्योंकि कांग्रेस इतिहास के सही पक्ष में खड़ी है.


पीएम का देश का नाम संबोधन पक्षपातपूर्ण जयराम रमेश 

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने देश के नाम संबोधन को पक्षपातपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि एक मौजूदा प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन पवित्र होता है और यह एक निष्पक्ष संबोधन होता है जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय संकल्प और आत्मविश्वास को बढ़ाना होता है. उन्होंने पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन को दयनीय पक्षपातपूर्ण और विवादास्पद हमला करार दिया. उन्होंने कहा कि एक राष्ट्रीय संबोधन के बजाय एक संकट संबोधन प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिक उपयुक्त होता, लेकिन कल रात लोकसभा में उन्हें जिस असाधारण विधायी अपमान का सामना करना पड़ा, उससे वे इतने विचलित हैं कि गैर-गृहस्थ प्रधानमंत्री अभी भी मीडिया का सामना करने से डरते हैं.


कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने संवैधानिक संशोधन की विफलता के लिए माफी मांगी है, हालांकि उन्हें महिलाओं के नाम पर एक कपटपूर्ण परिसीमन प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के अपने बेशर्म, कपटपूर्ण प्रयासों के लिए माफी मांगनी चाहिए थी. जयराम रमेश ने कहा कि उनकी नियत बिल्कुल भी साफ नहीं है. अगर कोई उनकी नियत की जांच करे तो उसे बस यही पूछना होगा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम जिसे सितंबर 2023 में सर्वसम्मति से पारित किया गया था, उसे 30 महीने की देरी के बाद 16 अप्रैल 2026 की देर रात ही अधिसूचित क्यों किया गया.


देश के नाम संबोधन पर पीएम ने किया ड्रामाबाजी मोइत्रा

वहीं टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन पर हमला करते हुए इसे ड्रामाबाजी करार दिया. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कह कहा, 'आपका ड्रामा और गोदी मीडिया की स्क्रिप्ट सच्चाई को नहीं छुपा पाएगी. महिलाओं के लिए आरक्षण 2023 में ही पारित हो चुका है और दो दिन पहले अधिसूचित भी हो चुका है. आपको इसे अभी लागू करने और टीएमसी की तरह 543 सीटों में से एक तिहाई सीटें महिलाओं को देने से कोई नहीं रोक सकता.'