Bihar Politics : भारत किसी परिवार की बपौती नहीं, 140 करोड़ देशवासियों का लोकतांत्रिक गणराज्य है : डॉ. संतोष कुमार सुमन

Bihar Politics : बिहार सरकार के मंत्री डॉ संतोष सुमन ने कहा की भारत किसी राजनीतिक दल, परिवार या खानदान की बपौती नहीं है, बल्कि यह देश संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और 140 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति से चलता है।

Bihar Politics : भारत किसी परिवार की बपौती नहीं, 140 करोड़ द
कांग्रेस पर हमला - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि भारत किसी राजनीतिक दल, परिवार या खानदान की बपौती नहीं है। यह देश संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और 140 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति से चलता है। कांग्रेस को यह गलतफहमी अपने दिमाग से निकाल देनी चाहिए कि देश की सत्ता और राजनीति पर उसका कोई पुश्तैनी अधिकार है। 

मंत्री ने कहा की लोकतंत्र में जनता मालिक है और राजनीतिक दल जनता के सेवक हैं। जनता जब कांग्रेस को सत्ता सौंपती है तो वह जनादेश और जब किसी दूसरे दल को चुनती है तो उस जनादेश पर सवाल उठाना उसकी दोहरी मानसिकता को उजागर करता है। डॉ. सुमन ने कहा कि कांग्रेस को व्यक्तिवाद, राजनीतिक अहंकार और निराधार आरोपों की राजनीति छोड़कर लोकतंत्र की मर्यादा का सम्मान करना चाहिए। संवैधानिक संस्थाओं को बार-बार कटघरे में खड़ा करने और जनता के फैसले को नकारने से राजनीतिक जवाबदेही से बचा नहीं जा सकता। विपक्ष का काम केवल विरोध करना नहीं, बल्कि देश के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाना भी है।

उन्होंने कहा कि विपक्षी राजनीति के नाम पर कांग्रेस के साथ खड़े तेजस्वी यादव, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव और उद्धव ठाकरे जैसे नेताओं को भी आत्ममंथन करना चाहिए कि आखिर उनकी राजनीति का सकारात्मक एजेंडा क्या है? आज पूरा विपक्ष हारे हुए जुआरियों के उस कुनबे की तरह व्यवहार कर रहा है, जो हर हार के बाद अपनी हार स्वीकार करने के बजाय खेल और व्यवस्था पर ही सवाल उठाने लगता है।

उन्होंने कहा की देश को विकास का विकल्प चाहिए, न कि केवल सत्ता के लिए एकजुट हुए राजनीतिक दलों का गठजोड़। जनता के फैसले को स्वीकार करने के बजाय हर बार व्यवस्था पर सवाल उठाने की प्रवृत्ति लोकतंत्र को कमजोर करती है। देश को राजनीतिक हताशा और आरोपों की नहीं, स्पष्ट नीति, विकास की दृष्टि और जवाबदेह विपक्ष की जरूरत है। भारत संविधान से चलेगा, किसी परिवार की मर्जी से नहीं।