अडवाणी को गिरफ्तार करने वाले, मोदी सरकार में मंत्री बनने वाले, भाजपा से निकाले गए आरके सिंह अब करेंगे सुप्रीम कोर्ट में वकालत

राम मंदिर आंदोलन के दौरान लाल कृष्ण आडवाणी को गिरफ्तार करने वाले आरके सिंह जो मोदी सरकार में मंत्री भी बने और भाजपा से निकाले गए अब वकालत करते नजर आएंगे.

Former MP RK Singh
Former MP RK Singh- फोटो : news4nation

RK Singh : देश की नौकरशाही और राजनीति में लंबा अनुभव रखने वाले राज कुमार सिंह (आर.के. सिंह) ने अब एक नई पारी की शुरुआत की है। उन्होंने घोषणा की है कि वह Supreme Court Bar Association के सदस्य बन गए हैं और अब सुप्रीम कोर्ट में वकालत करेंगे। आर.के. सिंह ने अपने फैसले के साथ ही एक संदेश भी दिया “I have become a member of the Supreme Court Bar. I will fight for preserving our democracy and citizen’s rights.” यानी वे लोकतंत्र और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए अदालत में लड़ाई लड़ेंगे।


नौकरशाही से राजनीति तक का सफर

आर.के. सिंह 1975 बैच के आईएएस अधिकारी रहे हैं और उन्होंने देश के गृह सचिव जैसे अहम पद पर कार्य किया। गृह मंत्रालय में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने आंतरिक सुरक्षा, नक्सलवाद और आतंकवाद से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों को संभाला। विशेष रूप से 26/11 मुंबई हमले के बाद देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में उनकी भूमिका को अहम माना जाता है। इसके अलावा, उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में केंद्र की रणनीति को लागू करने और राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।


आडवाणी को किया गिरफ्तार

एक नौकरशाह के तौर पर उन्होंने बिहार के कई जिलों में अपनी सेवाएं दी. लेकिन, उसका सबसे चर्चित कार्यकाल बतौर समस्तीपुर जिले के जिलाधिकारी के तौर पर रहा। वह 1990 के दशक में वहां तैनात थे। उनकी पहचान एक कड़क अधिकारी की रही है। इस बीच लालकृष्ण आडवाणी की रथ यात्रा गुजरात के सोमनाथ से चलकर बिहार पहुंची थी। लालू प्रसाद यादव ने इस रथ यात्रा को सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाला बताया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि वह आडवाणी की रथ यात्रा को बिहार से आगे नहीं बढ़ने देंगे। ऐसे में उन्होंने आडवाणी के बिहार पहुंचने पर उनकी गिरफ्तारी का आदेश दे दिया। इस आदेश को क्रियान्वित कराने की जिम्मेदारी समस्तीपुर के जिलाधिकारी रहे आरके सिंह पर आई। आरके सिंह ने आदेश का पूरी शिद्दत से पालन करते हुए आडवाणी को गिरफ्तार कर लिया।  



राजनीति में भी मजबूत उपस्थिति

सेवानिवृत्ति के बाद आर.के. सिंह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और 2014 में बिहार की आरा लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। 2019 में भी उन्होंने आरा से जीत दर्ज की और केंद्र सरकार में मंत्री बने रहे। नरेंद्र मोदी सरकार में उन्हें ऊर्जा, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी गई। उनके कार्यकाल में ग्रामीण विद्युतीकरण और बिजली क्षेत्र में सुधार से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए।


मतभेद और नई राह

हाल के वर्षों में भाजपा नेतृत्व के साथ उनके वैचारिक मतभेद भी सामने आए। इसके बाद अब उन्होंने सक्रिय राजनीति से अलग होते हुए कानून के क्षेत्र में वापसी का फैसला किया है। आर.के. सिंह का सुप्रीम कोर्ट में वकालत करने का निर्णय महज करियर बदलाव नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक-सामाजिक संकेत भी माना जा रहा है। प्रशासन, राजनीति और अब न्यायपालिका तीनों क्षेत्रों का अनुभव रखने वाले सिंह अब संवैधानिक मुद्दों पर अपनी मजबूत पकड़ के साथ अदालत में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।