भोजपुर के पूर्व सब-इंस्पेक्टर रामाशंकर सिंह रिश्वतखोरी मामले में दोषी करार, कोर्ट ने सुनाई 2 साल सश्रम कारावास की सजा

15 साल पहले रिश्वत खोरी के आरोप में गिरफ्तार हुए भोजपुर के तत्कालीन सब इंस्पेक्टर रामाशंकर सिंह को विशेष निगरानी अदालत ने दोषी करार देते हुए 2 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है......

भोजपुर के पूर्व सब-इंस्पेक्टर रामाशंकर सिंह रिश्वतखोरी मामले

Patna : पटना स्थित विशेष निगरानी न्यायालय के न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह ने भोजपुर जिले के उदवंतनगर थाना के तत्कालीन अवर निरीक्षक (Sub-Inspector) रामाशंकर सिंह को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। यह फैसला 29 जुलाई 2026 को सुनाया गया, जिसके तहत दोषी पुलिस अधिकारी को दो वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा दी गई है।


केस डायरी में मदद के नाम पर मांगी थी घूस, 2011 में रंगे हाथ हुए थे गिरफ्तार

मामला वर्ष 2011 का है। उदवंतनगर थाना क्षेत्र के ग्रामीण अजीत कुमार सिंह ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी कि उदवंतनगर थाना कांड संख्या 74/2011 में धाराओं को यथावत रखने और अनुकूल केस डायरी लिखने के बदले सब-इंस्पेक्टर रामाशंकर सिंह 10,000 रुपये रिश्वत की मांग कर रहे हैं। निगरानी की टीम ने जाल बिछाकर 15 अप्रैल 2011 को आरोपी दरोगा को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।


दो साल का सश्रम कारावास और 10 हजार का जुर्माना, दोनों सजाएं साथ चलेंगी

अदालत ने आरोपी रामाशंकर सिंह को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 में दो साल का सश्रम कारावास व 10,000 जुर्माना और धारा 13(2) सह पठित धारा 13(1)(डी) में भी दो साल का सश्रम कारावास व 10,000 जुर्माने की सजा सुनाई। अर्थदंड की राशि जमा न करने पर तीन महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। कोर्ट के आदेशानुसार दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।


8 गवाहों की पेशी, विशेष लोक अभियोजक की प्रभावी पैरवी से सिद्ध हुआ दोष

इस मामले में तत्कालीन अनुसंधानकर्ता एवं निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के पुलिस उपाधीक्षक (DySP) गंगा राम द्वारा समय पर सटीक आरोप-पत्र (Chargesheet) दाखिल किया गया था। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक किशोर कुमार सिंह ने प्रभावी तरीके से पैरवी की। मामले में कुल 8 गवाहों की गवाही कराई गई, जिसके आधार पर आरोपी का दोष पूरी तरह सिद्ध हुआ।


वर्ष 2026 में अब तक 12 भ्रष्टाचार मामलों में सजा, निगरानी ब्यूरो की बड़ी उपलब्धि

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक कुल 12 भ्रष्टाचार के मामलों में अदालत द्वारा दोषियों को सजा सुनाई जा चुकी है। पिछले 25 वर्षों (2000-2024) में औसतन प्रति वर्ष केवल 5.6 मामलों में ही सजा हो पाती थी। इस प्रकार इस वर्ष निगरानी ब्यूरो की अभियोजन कार्रवाई में 110% से अधिक की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।


रंजीत की रिपोर्ट