बड़ी खबर : पटना में बिहार रक्षा सेवा वाहिनी परीक्षा में सेंधमारी का प्रयास; इनविजिलेटर व फर्जी जैमर कर्मी समेत 10 गिरफ्तार

अभी-अभी राजधानी पटना से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां बीपीएससी द्वारा आयोजित बिहार रक्षा सेवा वाहिनी' के अधिनायक अनुदेशक पद की लिखित परीक्षा के दौरान धांधली का खुलासा हुआ है। इस मामले मे इनविजिलेटर व फर्जी जैमर कर्मी समेत 10 लोग गिरफ्तार हुए है...

बड़ी खबर : पटना में बिहार रक्षा सेवा वाहिनी परीक्षा में सेंध
बिहार रक्षा सेवा वाहिनी परीक्षा में सेंधमारी का प्रयास- फोटो : अनिल कुमार

Patna : अभी-अभी राजधानी पटना के शास्त्री नगर थाना क्षेत्र स्थित राजकीय बालक उच्च विद्यालय में बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) द्वारा आयोजित 'बिहार रक्षा सेवा वाहिनी' के अधिनायक अनुदेशक पद की लिखित परीक्षा के दौरान धांधली का बड़ा मामला सामने आया है। परीक्षा केंद्र में सेंधमारी का प्रयास कर रहे 10 लोगों को पुलिस और प्रशासनिक टीम ने रंगे हाथ दबोच लिया है।


मजिस्ट्रेट और पुलिस की मुस्तैदी से पकड़ा गया गिरोह

परीक्षा केंद्र पर तैनात दंडाधिकारी (मजिस्ट्रेट), पुलिस बल और स्थानीय स्टाफ की सूझबूझ व सतर्कता से इस फर्जीवाड़े का समय रहते पर्दाफाश हो गया। संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की गई और धांधली में शामिल सभी 10 आरोपियों को केंद्र से हिरासत में लेकर शास्त्री नगर थाने लाया गया, जहां उनसे सघन पूछताछ की जा रही है।


गिरोह में इनविजिलेटर, फर्जी जैमर कर्मी और 8 अभ्यर्थी शामिल

पुलिस की प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ है कि हिरासत में लिए गए लोगों में परीक्षा केंद्र का एक इनविजिलेटर (वीक्षक), एक फर्जी जैमर टेक्नीशियन/कर्मी और 8 परीक्षार्थी शामिल हैं। शुरुआती पड़ताल के अनुसार, जैमर कर्मी के नाम पर फर्जी तरीके से एंट्री लेकर परीक्षा केंद्र के भीतर मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से नकल कराने की साजिश रची जा रही थी।


4 एंड्रॉइड और 2 की-पैड मोबाइल फोन बरामद, तकनीकी जांच जारी

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 एंड्रॉइड स्मार्टफोन और 2 की-पैड मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इन फोनों के जरिए परीक्षा हॉल के भीतर उत्तर कुंजी या नकल सामग्री पहुंचाने की योजना थी। पुलिस की तकनीकी टीम जब्त फोनों के कॉल डिटेल्स, चैट और संभावित नेटवर्क लिंक को खंगालने में जुटी है।


SDPO-2 साकेत कुमार ने की पुष्टि, सॉल्वर गैंग के तार खंगालने में जुटी पुलिस

सचिवालय के एसडीपीओ-2 (SDPO-2) साकेत कुमार ने पूरे मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि सभी आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अग्रतर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि इस सेंधमारी के पीछे कौन सा संगठित सॉल्वर गैंग काम कर रहा था और अभ्यर्थियों से इसके एवज में कितनी राशि का सौदा तय हुआ था।


अनिल की रिपोर्ट