पीके के एलान पर शिक्षा मंत्री का तंज : रोजगार पहल का स्वागत, लेकिन समाजिक कार्यक्रमों मे शामिल होना विधायक की जिम्मेदारी

जनसुराज के सूत्रधार और बांकीपुर के विधायक प्रशांत किशोर के 10 हजार युवाओं के रोजगार के एलान पर बिहार के शिक्षा मंत्री ने तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि उनकी इस ऐलान का स्वागत है, लेकिन विधायक होने के कारण उनकी अन्य भी कई जिम्मेदारी है....

पीके के एलान पर शिक्षा मंत्री का तंज : रोजगार पहल का स्वागत,
शिक्षा मंत्री का प्रशांत किशोर पर तंज- फोटो : न्यूज4नेशन

Patna : बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर द्वारा 10 हजार युवाओं को रोजगार देने के ऐलान पर बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की प्रतिक्रिया सामने आई है। शिक्षा मंत्री ने प्रशांत किशोर की इस पहल का स्वागत करते हुए उन्हें बधाई दी है, लेकिन इसके साथ ही जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी कार्यशैली और जनता से जुड़ाव को लेकर सवाल भी खड़े किए हैं।


रोजगार की पहल का स्वागत, लेकिन सामाजिक दूरी पर सवाल

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि प्रशांत किशोर अगर 10 हजार युवाओं को रोजगार देने का प्रयास कर रहे हैं, तो यह एक प्रशंसनीय कदम है और इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। हालांकि, उन्होंने प्रशांत किशोर के उस बयान पर आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने शादी-विवाह और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों से दूरी बनाने की बात कही थी।


'जनता के सुख-दुख में शामिल होना विधायक की जिम्मेदारी'

मंत्री मिथिलेश तिवारी ने जनप्रतिनिधित्व के मायने समझाते हुए कहा कि कोई भी विधायक सिर्फ विधानसभा सदन के भीतर ही जनता का प्रतिनिधि नहीं होता। जनता के हर छोटे-बड़े सुख-दुख में शरीक होना और उनके सामाजिक कार्यक्रमों में पहुंचना भी एक विधायक का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि जनप्रतिनिधि ही जनता से दूरी बना लेंगे, तो बांकीपुर की जनता की उनसे अपेक्षाएं खत्म हो जाएंगी।


स्कूलों के सुधार के मुद्दे पर सकारात्मक रुख

प्रशांत किशोर द्वारा शिक्षा विभाग के साथ मिलकर स्थानीय स्कूलों की व्यवस्था सुधारने की इच्छा व्यक्त करने पर शिक्षा मंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि एक विधायक के नाते अगर प्रशांत किशोर स्कूलों से जुड़ी किसी भी समस्या को लेकर शिक्षा विभाग के पास आते हैं, तो विभाग उन समस्याओं का त्वरित समाधान करने के लिए पूरी तरह तैयार है।


बांकीपुर की राजनीति में नया मोड़

शिक्षा मंत्री के इस बयान के बाद बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। एक तरफ जहां प्रशांत किशोर रोजगार और शिक्षा सुधार के मुद्दे पर आक्रामक रणनीति अपना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सत्ता पक्ष उनके सामाजिक जुड़ाव और जनप्रतिनिधि के रूप में जमीनी मौजूदगी को लेकर उन पर निशाना साध रहा है।


वंदना की रिपोर्ट