राज्यसभा चुनाव - ‘भाजपा ने चुराए हमारे विधायक’, राजेश राम ने खोल दी पोल, अब होगी आर-पार की कार्रवाई!
बिहार राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के तीन विधायकों की गैरमौजूदगी ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने भाजपा पर विधायकों की 'चोरी' और 'अपहरण' जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
Patna - बिहार राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के तीन दिग्गज विधायकों—वाल्मीकिनगर से सुरेंद्र कुशवाहा, फारबिसगंज से मनोज विश्वास और मनिहारी से मनोहर सिंह—की वोटिंग से दूरी ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। इन विधायकों के मतदान केंद्र पर न पहुँचने से इंडिया गठबंधन के समीकरण बिगड़ते नजर आ रहे हैं। इस घटनाक्रम पर बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए इसे लोकतंत्र के लिए काला दिन करार दिया है।
भाजपा पर 'वोटों की चोरी' का गंभीर आरोप
राजेश राम ने इस पूरे मामले के लिए सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बेहद आक्रामक लहजे में कहा कि भाजपा अब चुनाव जीतने के बजाय विपक्षी विधायकों की "चोरी" करने में माहिर हो गई है। उनका आरोप है कि भाजपा ने सत्ता और प्रशासन का दुरुपयोग कर कांग्रेस के विधायकों को प्रलोभन दिया या डराया-धमकाया है, ताकि वे मतदान प्रक्रिया का हिस्सा न बन सकें।
विधायकों की 'किलेबंदी' और रेकी का दावा
प्रदेश अध्यक्ष ने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि कांग्रेस विधायकों की गतिविधियों पर पिछले कई दिनों से नजर रखी जा रही थी। उन्होंने दावा किया कि 7 मार्च से ही उनके विधायकों के आवासों के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिए गए थे। राजेश राम के अनुसार, विधायकों से मिलने आने वाले हर व्यक्ति की जांच की जा रही थी, जो स्पष्ट रूप से उन पर दबाव बनाने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था।
महाराष्ट्र और गोवा मॉडल का दिया हवाला
राजेश राम ने भाजपा की कार्यशैली पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पार्टी तीन चरणों में काम करती है: पहले लालच देना, फिर जांच एजेंसियों के जरिए डराना, और यदि ये दोनों असफल हों, तो विधायकों को 'हाउस अरेस्ट' जैसी स्थिति में डाल देना। उन्होंने महाराष्ट्र में शिंदे गुट के घटनाक्रम और गोवा का उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार में भी उसी "हॉर्स ट्रेडिंग" मॉडल को दोहराने की कोशिश की गई है, जो संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।
पार्टी लेगी सख्त अनुशासनात्मक एक्शन
अंत में, राजेश राम ने साफ कर दिया कि विधायकों की यह अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि अनुपस्थित रहने वाले तीनों विधायकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। पार्टी आलाकमान से मशविरा करने के बाद, इन विधायकों के खिलाफ न केवल पार्टी स्तर पर बल्कि दल-बदल विरोधी कानून और अन्य नियमसंगत प्रावधानों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।