Bihar News : औरंगाबाद में जमीन मुआवजे का बड़ा खेल, राजस्व कर्मियों पर मिलीभगत का आरोप, मृतक के हिस्से के 26 लाख रुपये फर्जीवाड़े से निकाले

Bihar News : औरंगाबाद में जमीन मुआवजे का बड़ा खेल सामने आया है.जहाँ राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से मृतक के हिस्से के 26 लाख रुपये फर्जीवाड़े से निकाले गए हैं......पढ़िए आगे

Bihar News : औरंगाबाद में जमीन मुआवजे का बड़ा खेल, राजस्व कर
जमीन मुआवजे का फर्जीवाडा - फोटो : DINANATH

AURANGABAD : जिले के बारुण प्रखंड में जमीन अधिग्रहण के मुआवजे के नाम पर एक बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। एक पीड़ित अनिल सिंह ने राजस्व विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। अनिल सिंह का दावा है कि विभाग की मिलीभगत से उनके चाचा ने उनके स्वर्गीय पिता के हिस्से के करीब 26 लाख रुपये की राशि फर्जी तरीके से निकाल ली है। इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था और राजस्व विभाग की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

पीड़ित अनिल सिंह के अनुसार, उनके पिता रामप्रवेश सिंह की मृत्यु के बाद उनके हिस्से की जमीन का मुआवजा मिलना था। लेकिन उन्हें इस बात की भनक तक नहीं लगने दी गई कि मुआवजे की राशि की निकासी पहले ही की जा चुकी है। जब उन्होंने अपने चाचा से हक के पैसे मांगे, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। गहन छानबीन के बाद पीड़ित को पता चला कि राजस्व विभाग के कर्मचारियों के साथ सांठगांठ कर फर्जी रसीद तैयार की गई और उनके पिता के हिस्से की भारी-भरकम राशि हड़प ली गई।

अनिल सिंह का आरोप है कि इस घोटाले को अंजाम देने के लिए सरकारी दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने बताया कि जमीन की रसीद को गलत तरीके से 'एडिट' करवाकर उनके पिता का नाम कागजों से हटवा दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि जबकि आज भी ऑनलाइन रसीद कटती है, तो उसमें दोनों हिस्सेदारों के नाम स्पष्ट रूप से दर्ज हैं। इसके बावजूद ऑफलाइन रसीद में हेराफेरी कर बैंक और विभाग को गुमराह किया गया और लाखों रुपये की निकासी कर ली गई। 

न्याय के लिए दर-दर भटक रहे अनिल सिंह ने बताया कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कई बार आवेदन दिया, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी किसी ने मामले का संज्ञान नहीं लिया। अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटते-काटते थक चुके पीड़ित ने अब औरंगाबाद के जिला पदाधिकारी (DM) के समक्ष न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत के इतना बड़ा फर्जीवाड़ा संभव ही नहीं है।

फिलहाल, पीड़ित अनिल सिंह ने संकल्प लिया है कि जब तक उन्हें अपनी जमीन का हक और न्याय नहीं मिल जाता, वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने जिला पदाधिकारी से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और फर्जीवाड़ा करने वाले परिजनों सहित इसमें शामिल भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है।

दीनानाथ की रिपोर्ट