सिल्ट प्रबंधन पर राष्ट्रीय नीति के लिए केंद्र बना रहा फ्रेमवर्क, बाढ़ राहत पर विपक्ष के आरोप निराधार: विजय कुमार चौधरी

बिहार के कई जिले बाढ़ से प्रभावित है। इसबार गंगा के रौद्र रुप के कारण ज्यादा तबाही देखने को मिल रही है। हर साल आनेवाले बाढ़ से निजात और बाढ़ पीड़ितों के लिए सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों की पूरी जानकारी मंत्री विजय कुमार चौधरी ने दी है.....

सिल्ट प्रबंधन पर राष्ट्रीय नीति के लिए केंद्र बना रहा फ्रेमव
बाढ़ राहत पर विपक्ष के आरोप निराधार: विजय कुमार चौधरी- फोटो : अभिजीत

Patna : जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बिहार मे हर साल आने वाले बाढ़ को लेकर बड़ी जानकारी दी। पटना में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि गाद (सिल्ट) प्रबंधन के लिए बिहार सरकार लंबे समय से प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि लगभग 12 वर्ष पहले पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने केंद्र सरकार से 'नेशनल सिल्ट मैनेजमेंट पॉलिसी' बनाने की मांग रखी थी। चूंकि नदियां एक से अधिक राज्यों से होकर गुजरती हैं, इसलिए एक अकेला राज्य सिल्ट प्रबंधन नहीं कर सकता। बिहार की इस मांग पर केंद्र सरकार ने अब एक फ्रेमवर्क तैयार किया है, जिस पर आगे की कार्रवाई चल रही है।


बाढ़ राहत में केंद्र सरकार से मिल रही पर्याप्त मदद, 11,500 करोड़ का विशेष पैकेज 

विपक्ष द्वारा केंद्र से मदद न मिलने के आरोपों को खारिज करते हुए जल संसाधन मंत्री ने कहा कि केंद्र से लगातार सहयोग मिल रहा है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में बिहार के जल संसाधन विभाग के लिए 11,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त पैकेज दिया था। इसके अलावा आगामी वित्तीय वर्षों के बजट में भी सहायता का प्रावधान किया गया है।


केंद्रीय मंत्रियों से वार्ता, आगामी बजट में प्राथमिकताओं को शामिल करने की मांग 

विजय कुमार चौधरी ने बताया कि हाल ही में उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से मुलाकात की थी। इस बैठक के दौरान बिहार की जल संसाधन और बाढ़ नियंत्रण से जुड़ी प्राथमिक योजनाओं को आगामी बजट में प्राथमिकता के आधार पर शामिल करने का अनुरोध किया गया है।


आवश्यकता पड़ने पर बाढ़ प्रभावित इलाकों में की जाएगी एयर ड्रॉपिंग 

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों और निरीक्षण पर बात करते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि जलमग्न और संपर्क विहीन इलाकों में पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है और जहां भी आवश्यकता होगी, वहां खाद्य सामग्री की 'एयर ड्रॉपिंग' सुनिश्चित की जाएगी।


विपक्ष की बयानबाजी पर तंज, राहत कार्यों में मुस्तैद है सरकार 

तेजस्वी यादव द्वारा बिहार को 'बाढ़ राज्य' घोषित करने की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि इस तरह की मांगों का कोई व्यावहारिक अर्थ नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का ध्यान राजनीतिक बयानबाजी के बजाय जमीनी स्तर पर पीड़ितों को मुआवजा, भोजन और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने पर केंद्रित है और प्रशासन पूरी तत्परता के साथ काम कर रहा है।


अभिजीत की रिपोर्ट