Bihar Weather: पटना से पूर्णिया तक बदलेगा मौसम, 3 से 7 मई तक घरों से निकलने से पहले जान लें मौसम का हाल, बिहार के इन जिलों में वज्रपात और आंधी का बड़ा खतरा

Bihar Weather: बिहार में मौसम का डबल अटैक आज से शुरु हो सकता है, मौसम विभाग ने आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है तो....

Bihar Weather Rain Today mausam will change from Patna to Pu
बिहार में मौसम का डबल अटैक- फोटो : social Media

Bihar Weather:बिहार में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और आसमान से लेकर जमीन तक हालात बदलते नजर आ रहे हैं। पिछले 3-4 दिनों से जारी बदला हुआ मिजाज आज भी बरकरार है। मौसम विभाग ने पूरे राज्य के लिए आंधी और बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है, जिससे साफ है कि आने वाले दिन राहत और परेशानी दोनों साथ लेकर आने वाले हैं।

मौसम की इस तल्खी में खास बात यह है कि जहां एक तरफ कई जिलों में मुसलाधार बारिश और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, वहीं दूसरी तरफ अगले 3 से 4 दिनों में तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी के संकेत भी मिल रहे हैं। यानी मौसम का यह खेल लोगों को उलझन में डाल सकता है।

दक्षिण बिहार के पटना, गया, बक्सर, भोजपुर और रोहतास में 2 मई को तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जो धीरे-धीरे और बढ़ेगा। वहीं उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढी और सारण जैसे इलाकों में तापमान 28 से 32 डिग्री के आसपास बना रहेगा।

राज्य के पूर्वी हिस्सों—पूर्णिया,कटिहार और भागलपुर में रात का तापमान 20 से 24 डिग्री के बीच रहने की संभावना है, जिससे रातें अपेक्षाकृत सुहानी रह सकती हैं।

मौसम विभाग ने 2 मई से 7 मई तक लगभग पूरे बिहार में बारिश का अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान, गोपालगंज में गरज-चमक के साथ बारिश और 40-50 किमी/घंटा की तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं मधुबनी, वैशाली, सहरसा और किशनगंज में छिटपुट बारिश के आसार हैं।

खास चेतावनी 4 मई के लिए जारी की गई है, जब हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। अररिया, सुपौलऔर किशनगंज जैसे जिलों में वज्रपात का खतरा ज्यादा बताया गया है।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। कुल मिलाकर, बिहार में मौसम का यह बदलता मिजाज सतर्कता की मांग कर रहा है क्योंकि राहत की बारिश के साथ खतरे की आंधी भी चलने वाली है।