Bihar weather: बिहार में सूरज बरसा रहा आग, बादल दिखा रहे बेरुखी, पटना में गर्मी ने तोड़े राहत के सारे सपने, कई जिलों में तेज आंधी और भारी बारिश की चेतावनी
Bihar weather: बिहार में दोपहर के वक्त सड़कें सूनी पड़ जा रही हैं और लोग घरों में कैद होकर गर्मी और उमस की सजा भुगतने को मजबूर हैं।...
Bihar weather: बिहार इन दिनों मौसम की दोहरी मार झेल रहा है। एक तरफ आसमान से आग बरसाता सूरज लोगों का जीना मुहाल किए हुए है, तो दूसरी तरफ मानसून की सुस्त चाल ने किसानों से लेकर आम लोगों तक की पेशानी पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। हालात ऐसे हैं कि दोपहर के वक्त सड़कें सूनी पड़ जा रही हैं और लोग घरों में कैद होकर गर्मी और उमस की सजा भुगतने को मजबूर हैं। जून के मध्य में जहां मानसून के सक्रिय होने के बाद झमाझम बारिश की उम्मीद थी, वहीं बादलों की बेरुखी ने पूरे प्रदेश को मायूसी के आगोश में धकेल दिया है।
मौसम के जानकारों की मानें तो बिहार में इस बार मानसून ने समय से पहले दस्तक जरूर दी, लेकिन मुजफ्फरपुर तक पहुंचते-पहुंचते उसकी रफ्तार और रौब दोनों फीके पड़ गए। बंगाल की खाड़ी से आने वाली पुरवाई को जितनी ताकत मिलनी चाहिए थी, उतनी नहीं मिल सकी। नतीजा यह हुआ कि बारिश का सिलसिला थम गया और सूरज को अपना कहर बरपाने का खुला मैदान मिल गया। यही वजह है कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में लोग भीषण गर्मी और उमस से बेहाल हैं।
राजधानी पटना का हाल भी कुछ अलग नहीं है। रात में हल्की बारिश जरूर हुई, लेकिन इससे राहत मिलने के बजाय उमस और बढ़ गई। पूरी रात लोग पसीने और बेचैनी के बीच करवटें बदलते रहे। मौसम विभाग के अनुसार 17 जून को पटना का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। यानी दिन में गर्मी का प्रहार और रात में उमस का अत्याचार, दोनों का सामना लोगों को करना पड़ेगा।
उधर, मौसम विभाग ने उत्तर और उत्तर-पूर्व बिहार के जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी कर दिया है। विभाग का कहना है कि आज से यानी 17 से 19 जून के बीच मौसम अचानक करवट ले सकता है। तेज आंधी, गरज-चमक, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में हवा की गति 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
भारी बारिश की आशंका वाले जिलों में गया, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, भोजपुर, बक्सर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, सहरसा, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, मधेपुरा, सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर शामिल हैं। वहीं सीवान, सारण और किशनगंज के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम वैज्ञानिकों की चिंता सिर्फ मौजूदा हालात तक सीमित नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई से सुपर अल नीनो के प्रभाव और स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो मानसून की गतिविधियां और प्रभावित हो सकती हैं, जिसका सीधा असर खेती-किसानी और जल संसाधनों पर पड़ेगा। यही कारण है कि किसानों की निगाहें अब आसमान पर टिकी हैं और आम लोग भी बारिश की पहली जोरदार फुहार का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल बिहार में मौसम का मिजाज अनिश्चित बना हुआ है। सूरज का सितम जारी है, उमस का दबाव कायम है और जनता राहत की बारिश का इंतजार कर रही है। आने वाले तीन दिन यह तय करेंगे कि मानसून अपनी खोई हुई ताकत वापस हासिल करता है या फिर गर्मी और बेचैनी का यह दौर अभी और लंबा चलने वाला है।