Bihar Transport Department: MVI को कारण बताओ नोटिस जारी, 3 दिनों में मांगा जवाब

बिहार सरकार के परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मोटरयान निरीक्षक (MVI) अनुपम छवि को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन (IAS) द्वारा जारी इस नोटिस में अधिकारी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

Bihar Transport Department: MVI को कारण बताओ नोटिस जारी, 3 द

बिहार सरकार के परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मोटरयान निरीक्षक (MVI) अनुपम छवि को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन (IAS) द्वारा जारी इस नोटिस में अधिकारी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। मुख्य रूप से 24 मार्च 2026 को आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने को उनकी अनुशासनहीनता और सरकारी कर्तव्यों के प्रति उदासीनता का परिचायक माना गया है।


राजस्व वसूली के लक्ष्य में भारी गिरावट 

समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित राजस्व लक्ष्यों को पूरा करने में विभाग पूरी तरह विफल रहा है। अनुपम छवि को 400 लाख रुपये की वसूली का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन इसके मुकाबले केवल 58.86 लाख रुपये ही वसूले जा सके, जो कुल लक्ष्य का मात्र 14.71% है। राजस्व संग्रह में इतनी बड़ी कमी को विभाग ने बेहद गंभीरता से लिया है और इसे सरकारी खजाने को होने वाली क्षति के रूप में देखा जा रहा है।


वाहनों की जाँच और चालान प्रक्रिया में लापरवाही 

नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सड़क सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर की जाने वाली जाँच में घोर लापरवाही बरती गई है। ओवरलोड वाहनों, बिना परमिट, बिना हेलमेट और प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर की गई कार्रवाई की संख्या बहुत कम पाई गई है। विभाग का मानना है कि जाँच और चालान प्रक्रिया में ढिलाई बरतने से न केवल राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि इससे सड़क सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं।


तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण का अल्टीमेटम 

राज्य परिवहन आयुक्त ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारी को 03 दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने या स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होता है, तो इसे सरकारी सेवक आचार नियमावली का उल्लंघन मानते हुए उनके विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी। फिलहाल, भविष्य की तारीखों (वर्ष 2026) को लेकर दस्तावेजी त्रुटि की संभावना भी जताई जा रही है।

रिपोर्ट - धीरज पराशर