Bihar News : नालंदा के युवक की सऊदी अरब में चाकू से गोदकर सहकर्मी ने की हत्या, मातम में बदलीं निकाह की खुशियां, गांव में पसरा सन्नाटा
Bihar News : रोजी-रोटी की तलाश में सात समंदर पार सऊदी अरब गए नालंदा के एक होनहार युवक की मक्का में निर्मम हत्या कर दी गई। इसके बाद निकाह की खुशियाँ मातम में बदल गयी......पढ़िए आगे
NALANDA : देश के विभिन्न हिस्सों से रोजी-रोटी की तलाश में विदेश जाने वाले लाखों लोग होंगे, जो सात समंदर पार घर परिवार की खुशहाली के लिए जाते हैं. लेकिन उसे क्या पता कि उनकी यह सफ़र आखिरी होगी. रोज़गार के लिए सऊदी अरब गए नालंदा के एक होनहार युवक की मक्का में बेरहमी से हत्या कर दी गई. घटना जिले के सारे थाना क्षेत्र के जाना गांव की है. मृतक की पहचान बहादी बिगहा गांव निवासी मुंशी मियां के 31 वर्षीय पुत्र मो. टीपू सुल्तान के तौर पर की गई है. घर वालों को मौत की खबर पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ पड़ी है.
मृतक की मां मुश्तरी खातून ने बताया कि मो. टीपू सुल्तान 5 भाइयों में चौथे नंबर पर था. वह शुरू से मेहनती और काम के प्रति बफादार था. घटना के डेढ़ साल बाद वह वापस सऊदी निकाह कर गया था. और लौट कर दुल्हन को घर ले जाने वाला था. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. घटना के बाद से ही पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है.
परिजनों ने बताया कि टीपू करीब तीन साल पहले अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के सपने लेकर सऊदी अरब गया था. जहां वह एक निजी कंपनी में पलम्बर मिस्त्री का काम करता था. मगर कंपनी के डायरेक्टर ने मृतक को ऑफिस बॉय बना दिया था. जानकार बताते हैं, कि ईद के बाद मृतक के रूम पार्टनर का हत्यारा का शिफ़्ट बदल गया तो दोनों के बीच इसी बात पर कहासुनी हुई और अगले दिन सुबह टीपू को यूपी के रहने वाले रूम पार्टनर ने सुबह 4 बजे आवेश में आकर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. जिससे टीपू सुल्तान गंभीर रूप से ज़ख़्मी हो गया. जिसका अप्रैल माह के आखिर में इलाज के दौरान मौत हो गई.
इस घटना ने न केवल एक परिवार का सहारा छीन लिया, बल्कि खुशियों को भी मातम में बदल दिया. बताया जाता है कि इसी वर्ष टीपू का निकाह होने वाला था और बिहारशरीफ के सोहसराय स्थित लड़की पक्ष के साथ निकाह की रस्में भी पूरी हो चुकी थी. घर में शादी की तैयारियां शुरू होने ही वाली थी कि उससे पहले ही यह दु:खद समाचार आ गया. ग्रामीणों ने बताया कि टीपू बेहद शांत, व्यवहारकुशल और मिलनसार स्वभाव का युवक था, जिसकी गांव में एक अलग पहचान थी.
मां को इंतज़ार है, कि बेटे का शव आखिरी बार दीदार के लिए गांव पहुंचे. पिता की मौत के बाद मां की देखभाल मृतक ही करता था. और बहुत जल्द शादी होने वाली थी. शादी की कुछ रस्में बाकी थी, और कुछ पूरी कर ली गई थी. इसलिए बाक़ी शादी की तैयारियां की जा रही थी. उससे पहले यह हृदय विदारक घटना ने गांव परिवार सबको झकझोर कर रख दिया है. फ़िलहाल मृतक के शव का गांव परिवार इंतजार कर रही है.
राज की रिपोर्ट