Bihar Abhiyan Basera: बिहार में भूमिहीन परिवारों को मिलेगा अपना आशियाना, 22 सितंबर से हर पंचायत में अभियान बसेरा का विशेष शिविर
Bihar Abhiyan Basera: बिहार में भूमिहीन परिवारों को अपना आशियाना उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।
Bihar Abhiyan Basera: बिहार में भूमिहीन परिवारों को अपना आशियाना उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। ‘अभियान बसेरा’ के तहत 22 सितंबर 2026 से राज्य की सभी पंचायतों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि लंबे समय से सरकारी जमीन पर घर बनाकर रह रहे गरीब परिवारों को हटाने के बजाय उन्हें व्यवस्थित किया जाएगा और पात्र परिवारों को गृहस्थल यानी वासभूमि का पर्चा उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, जो परिवार पिछले 20 से 40 वर्षों से सरकारी जमीन पर रह रहे हैं, उन्हें नियमानुसार बसाने की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य बताया गया है कि कोई भी पात्र भूमिहीन परिवार आवासीय भूमि के अधिकार से वंचित न रहे।
पंचायत या अंचल कार्यालय में जमा करें आवेदन
गृहस्थल के पर्चे के लिए अब लोगों को अनावश्यक परेशानी उठाने की जरूरत नहीं होगी। लाभुक अपने नजदीकी ग्राम पंचायत या अंचल कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं। सरकार ने संबंधित अधिकारियों को आवेदन स्वीकार करने और आवेदक को उसकी रसीद उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।इसके अलावा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के बिहार भूमि पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। लाभुक घर बैठे भी वासभूमि के लिए आवेदन कर सकते हैं। बिहार भूमि पोर्टल
किन परिवारों को मिलेगा लाभ?
‘अभियान बसेरा’ के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग सहित अन्य पात्र भूमिहीन परिवारों को वासभूमि उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी। आवेदन के साथ परिवार के सभी सदस्यों का विवरण और मोबाइल नंबर देना होगा। आवेदक, पति या पत्नी तथा वयस्क पारिवारिक सदस्यों के आधार कार्ड की स्व-अभिप्रमाणित प्रतियां भी लगानी होंगी।
इसके साथ जाति प्रमाण-पत्र की प्रति तथा राशन कार्ड, मतदाता पहचान-पत्र या निवास प्रमाण-पत्र से संबंधित उपलब्ध दस्तावेज देने होंगे। आवेदन में परिवार का सामूहिक फोटो और निर्धारित प्रारूप में शपथ-पत्र भी देना होगा। शपथ-पत्र में यह उल्लेख करना होगा कि परिवार के पास वास योग्य भूमि नहीं है और पहले किसी सरकारी योजना के माध्यम से वासभूमि प्राप्त नहीं हुई है।
सरकारी जमीन पर रहने वालों के लिए भी प्रावधान
यदि कोई पात्र परिवार पहले से सरकारी जमीन पर रह रहा है तो उपलब्ध होने पर संबंधित मौजा, खाता, खेसरा और पूर्व निवास से जुड़े साक्ष्य भी आवेदन के साथ प्रस्तुत किए जा सकते हैं। इससे लंबे समय से सरकारी भूमि पर रह रहे परिवारों के दावे की जांच में मदद मिलेगी।सरकार ने प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए हैं। योजना से जुड़ी पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी संबंधित अंचल कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। अब 22 सितंबर से पंचायतों में शुरू होने वाले विशेष शिविरों पर नजर रहेगी, जहां भूमिहीन परिवार अपने आवेदन और दस्तावेज जमा कर सकेंगे।