राजस्व अधिकारियों की बड़ी जीत: बिहार सरकार ने झुकी, अब DCLR की कुर्सी पर केवल राजस्व सेवा का हक
बिहार में राजस्व अधिकारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल सरकार के आश्वासन के बाद समाप्त हो गई है। सरकार ने DCLR के सभी 101 पदों पर केवल राजस्व सेवा के अधिकारियों की नियुक्ति का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
Patna - बिहार सरकार और राजस्व सेवा के अधिकारियों के बीच चल रहा गतिरोध अब समाप्त हो गया है। भूमि सुधार एवं राजस्व प्रशासन के सुदृढ़ीकरण को लेकर राज्य सरकार द्वारा जारी नए आदेशों के बाद बिहार राजस्व सेवा संघ (BiRSA) ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया है 。 विदित हो कि अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संघ के सभी पदाधिकारी 02 फरवरी 2026 से सामूहिक अवकाश पर चले गए थे 。
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब भूमि सुधार उपसमाहर्ता (DCLR) के पद को सामान्य प्रशासन विभाग से वापस ले लिया गया है 。 भविष्य में राज्य के सभी 101 DCLR पदों पर केवल राजस्व सेवा के कुशल एवं सक्षम पदाधिकारियों की ही पदस्थापना सुनिश्चित की जाएगी 。 इसके साथ ही, वर्तमान में इस पद पर तैनात प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की आगे की पदस्थापना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है 。
प्रशासनिक सुधारों की इस कड़ी में अनुमंडल राजस्व अधिकारी (SRO) के कार्यक्षेत्र का भी विस्तार किया गया है। अब उनके दायित्वों में सर्वे से संबंधित कार्यों को भी विधिवत रूप से सम्मिलित किया जाएगा 。 यह निर्णय राजस्व प्रशासन को और अधिक प्रभावी और तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के उद्देश्य से लिया गया है 。
हड़ताल की अवधि के दौरान हुए सामूहिक अवकाश को लेकर भी सरकार ने उदार रुख अपनाया है। आदेश के अनुसार, इस अवधि का समायोजन सामान्य अवकाश से किया जाएगा और इसे सेवा में टूट (break in service) नहीं माना जाएगा 。 साथ ही, हड़ताल में शामिल किसी भी अधिकारी के विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी 。
यह पूरी प्रक्रिया 12 फरवरी 2026 तक सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति के बाद औपचारिक रूप से लागू हो जाएगी 。 राजस्व अधिकारियों की मांगों पर सरकार की इस सकारात्मक पहल से राज्य में भूमि सुधार से जुड़े कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
रिपोर्ट - वंदना शर्मा