Bihar new Governor: बिहार सरकार में बड़ा बदलाव!रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन बने नए राज्यपाल

Bihar new Governor: बिहार में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन बने नए राज्यपाल। जानिए उनका सैन्य अनुभव और बिहार के पूर्व राज्यपालों का इतिहास।

Bihar new Governor
बिहार को मिला नया राज्यपाल- फोटो : social media

Bihar new Governor: बिहार में नई सरकार बनने से पहले एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। भारत के राष्ट्रपति ने लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल नियुक्त किया है। वे अब आरिफ मोहम्मद खान की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगे।सैयद अता हसनैन भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं। वे सेना में लेफ्टिनेंट जनरल के पद से रिटायर हुए हैं। सेना में रहते हुए उन्होंने कश्मीर में 15 कॉर्प्स यानी चिनार कॉर्प्स के कमांडर के रूप में काम किया था। यह सेना की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मानी जाती है। सेना से रिटायर होने के बाद वे राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के सदस्य भी रह चुके हैं। सुरक्षा और रणनीति से जुड़े मामलों में उन्हें विशेषज्ञ माना जाता है।

आरिफ मोहम्मद खान 2 जनवरी 2025 को बिहार के राज्यपाल बने थे। इससे पहले वे केरल के राज्यपाल भी रह चुके हैं। उनके कार्यकाल के बाद अब सैयद अता हसनैन को यह जिम्मेदारी दी गई है।आजादी के बाद से बिहार में कई महत्वपूर्ण लोग राज्यपाल के पद पर रह चुके हैं। वर्ष 1957 से 1962 तक डॉ. जाकिर हुसैन बिहार के राज्यपाल रहे थे और बाद में वे भारत के राष्ट्रपति भी बने। 1962 से 1967 तक मदभूषि अनन्तशयनम् अय्यंगार इस पद पर रहे, जो लोकसभा के पूर्व स्पीकर भी थे। अखलाक-उर-रहमान किदवई भी बिहार के राज्यपाल रहे और उन्होंने दो बार इस पद की जिम्मेदारी निभाई। इसके अलावा सुंदर सिंह भंडारी, बूटा सिंह और राम नाथ कोविंद जैसे बड़े नेता भी बिहार के राज्यपाल रह चुके हैं। राम नाथ कोविंद बाद में भारत के राष्ट्रपति बने।

बिहार में कई राज्यपाल रहे हैं

हाल के वर्षों में बिहार में कई राज्यपाल रहे हैं। वर्ष 2017 से 2018 तक सत्यपाल मलिक राज्यपाल रहे। इसके बाद 2018 से 2019 तक लालजी टंडन ने यह पद संभाला। 2019 से 2023 तक फागू चौहान बिहार के राज्यपाल रहे। इसके बाद 2023 से 2025 तक राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर इस पद पर रहे। 2025 से 2026 तक आरिफ मोहम्मद खान राज्यपाल रहे और अब 2026 में सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल बनाया गया है।

क्यों खास है राज्यपाल का पद?

राज्यपाल का पद राज्य की राजनीति में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। नई सरकार बनने के समय राज्यपाल की भूमिका और भी अहम हो जाती है। सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू कराने, मुख्यमंत्री को शपथ दिलाने और विधानसभा की कार्यवाही शुरू कराने में राज्यपाल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए बिहार में नई सरकार बनने से पहले इस नियुक्ति को अहम माना जा रहा है।