राज्यसभा से बिहार के सांसदों को दी गई विदाई, 37 सदस्यों का कार्यकाल पूरा, नीतीश के नेता के लिए खास संदेश
देशभर से कुल 37 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। उन्हें बुधवार को राज्यसभा में विदाई दी गई जिसमें बिहार के 5 सांसद भी शामिल रहे.
Bihar Rajya Sabha MP : राज्यसभा में कार्यकाल पूरा होने पर बुधवार को बिहार के 5 सांसदों को भावुक माहौल में विदाई दी गई। उच्च सदन में वर्षों तक अपनी सक्रिय भूमिका निभाने वाले बिहार के पांच सांसद अमेंद्र धारी सिंह, प्रेम चंद गुप्ता, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और हरिवंश नारायण सिंह का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। विदाई के दौरान सदन में उनके योगदान की सराहना की गई और कई सदस्यों ने उनके अनुभव और भूमिका को याद किया।
बिहार में पिछले दिनों ही 5 सीटों के लिए हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा से नितिन नवीन और शिवेश राम, जदयू से नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर तथा रालोमो से उपेंद्र कुशवाहा का निर्वाचन हुआ है। ऐसे में रामनाथ ठाकुर तथा उपेंद्र कुशवाहा की फिर से राज्यसभा में एंट्री हो रही है जबकि अमेंद्र धारी सिंह, प्रेम चंद गुप्ता और हरिवंश नारायण सिंह अब वापस राज्यसभा नहीं जा रहे हैं ।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दल जदयू से निर्वाचित हरिवंश नारायण सिंह की विदाई को लेकर पूरा सदन काफी भावुक दिखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिवंश के 12 वर्षों के कार्यकाल की जमकर प्रशंसा की। विशेषकर उनके राज्यसभा उपसभापति रहते हुए सदन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने को उन्होंने जमकर सराहा। इतना ही नहीं विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी हरिवंश के लिए प्रेरक उद्बोधन दिया।
इसी के साथ देशभर से कुल 37 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। महाराष्ट्र से शरदचंद्र गोविंदराव पवार, प्रियंका विक्रम चतुर्वेदी, फौजिया तहसीन अहमद खान, भगवत किशनराव कराड, रामदास अठावले सहित कई प्रमुख नाम शामिल हैं। वहीं तमिलनाडु से टी.आर. बालू, एम. शंभिदुरई और तिरुचि शिवा जैसे नेता रिटायर हो रहे हैं। पश्चिम बंगाल से साकेत गोखले, मौसम नूर समेत अन्य सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
ओडिशा से ममता मोहंता, मुजीबुल्ला खान, असम से अजीत कुमार भुयान और भुवनेश्वर कलिता, हरियाणा से किरण चौधरी तथा तेलंगाना से के.आर. सुरेश रेड्डी और अभिषेक मनु सिंघवी का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश के सांसदों का कार्यकाल भी पूरा हो रहा है। इन सभी नेताओं ने अपने-अपने राज्यों और राष्ट्रीय मुद्दों को संसद में मजबूती से उठाया।
राज्यसभा में इन सदस्यों की विदाई के साथ ही नए सदस्यों के आने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे उच्च सदन की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।