लोक अदालत में निपटे 71 हजार लंबित चालान: बिहार परिवहन विभाग को मिले 8.21 करोड़, पटना रहा नंबर-1
बिहार में 7 से 12 सितंबर तक आयोजित विशेष अभियान में राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत 71,126 लंबित चालानों का निपटारा किया गया। जिलावार आंकड़ों में राजधानी पटना 21,237 ट्रैफिक चालानों के निपटारे के साथ पहले स्थान पर रहा।
बिहार में लंबित चालानों के निपटारे को लेकर आयोजित विशेष अभियान में राज्य ने बड़ी सफलता हासिल की है। 7 से 12 सितंबर 2026 तक सभी जिलों में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान वाहन मालिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस 6 दिवसीय विशेष अभियान के तहत पूरे राज्य में कुल 71,126 लंबित चालानों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया।
वाहन मालिकों को मिला निपटारे का आसान अवसर
परिवहन सचिव श्री राज कुमार ने बताया कि इस लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य वाहन चालकों को वर्षों से लंबित चालानों के आसान और पारदर्शी समाधान का अवसर देना था। इस विशेष पहल के माध्यम से राज्यभर के हजारों लोगों ने अपने मामलों का निपटारा कराया। अभियान की सफलता ने आम जनता को राहत देने के साथ-साथ कानूनी प्रक्रियाओं को भी सुगम बनाया है।
यातायात नियमों के पालन की अपील
मामलों के निपटारे के साथ-साथ परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया। परिवहन सचिव ने सभी वाहन चालकों से अपील की कि वे चालान के जुर्माने से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करें। उन्होंने चालकों को हमेशा वैध दस्तावेजों के साथ वाहन चलाने की सलाह दी।
चालान राशि पर मिली 50 प्रतिशत तक की राहत
राज्य परिवहन आयुक्त श्री आरिफ अहसन ने जानकारी दी कि चालानों के त्वरित निष्पादन के लिए वाहन मालिकों को कुल चालान राशि पर 50 प्रतिशत तक की छूट दी गई। यह विशेष छूट 90 दिनों से अधिक समय से लंबित चालानों के लिए उपलब्ध कराई गई थी। इस छूट के कारण बड़ी संख्या में लोगों ने आगे आकर अपने लंबित मामलों का समाधान कराया।
8.21 करोड़ रुपये के चालानों का हुआ समाधान
इस विशेष अभियान के दौरान न केवल हजारों चालानों का निपटारा हुआ, बल्कि भारी राजस्व से जुड़े मामलों का भी समाधान किया गया। कुल निपटाए गए चालानों में ट्रैफिक विभाग के 65,126 और परिवहन विभाग के 6,010 चालान शामिल थे। इनके माध्यम से कुल 8.21 करोड़ रुपये की राशि से संबंधित मामलों का निष्पादन लोक अदालत में किया गया।
राजस्व वसूली का आंकड़ा
निपटाए गए कुल 8.21 करोड़ रुपये के मामलों में ट्रैफिक और परिवहन दोनों विभागों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इसमें से ट्रैफिक चालानों से संबंधित 5.42 करोड़ रुपये और परिवहन चालानों से संबंधित 2.92 करोड़ रुपये की राशि का समाधान किया गया। इस प्रक्रिया से विभागों के लंबित मामलों के बोझ में काफी कमी आई है।
पटना और अन्य जिलों का प्रदर्शन
जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो राजधानी पटना में सर्वाधिक 21,237 ट्रैफिक चालानों का निपटारा हुआ, जिसके बाद मुजफ्फरपुर में 13,803 और भागलपुर में 12,239 चालान निपटाए गए। मोतिहारी, नालंदा, कटिहार और बेगूसराय में भी हजारों मामले सुलझे। वहीं परिवहन चालानों की श्रेणी में मोतिहारी 587 मामलों के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि औरंगाबाद, लखीसराय और नवादा में भी सैकड़ों चालानों का निपटारा किया गया।
पटना से धीरज पराशर की रिपोर्ट