Bihar Turmeric Adulteration: बाजार से हल्दी खरीदने से पहले सावधान, बिहार के नमूनों में मिला 800 गुना तक जहरीली मिलावट, पढ़िए पीली हल्दी का काला खेल, ऐसे करें जांच

Bihar Turmeric Adulteration:हल्दी सिर्फ मसाला नहीं, बल्कि बिहार के लाखों घरों की रोजमर्रा की खाद्य सामग्री है। ऐसे में पीलेपन की चमक के पीछे छिपे इस कथित जहरीले खेल ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था और बाजार निगरानी, दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।...

Bihar Haldi Alert Lead Chromate Found in 33 Percent Home Sam
बाजार से हल्दी खरीदने से पहले सावधान- फोटो : social Media

Bihar Turmeric Adulteration:बिहार के बाजार में बिक रही चमकीली और पीली हल्दी को देखकर अगर आप उसे शुद्ध समझकर खरीद रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। जांच के आंकड़ों ने हल्दी के कारोबार में चल रहे कथित मिलावट के गोरखधंधे का ऐसा चेहरा सामने रखा है, जो सीधे लोगों की सेहत से खिलवाड़ करता है। बिहार खाद्य सुरक्षा स्वास्थ्य अभियान 2026 के तहत बांटे गए जागरूकता पर्चे में दावा किया गया है कि घरों से लिए गए हल्दी के नमूनों में करीब 33 फीसदी नमूने जांच में फेल हुए। यानी इनमें सीसे की मात्रा तय सुरक्षित सीमा से काफी अधिक पाई गई।मामले की सबसे खतरनाक कड़ी लेड क्रोमेट यानी सीसा है। हल्दी को ज्यादा पीला, चमकीला और आकर्षक दिखाने के लिए इस रसायन का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। बाजार में ऐसी मिलावटी हल्दी को कई जगह ‘प्यूरी’ के नाम से भी जाना जाता है। यह चमकदार रंग ग्राहक को लुभाता है, लेकिन इसके पीछे छिपा रसायन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

जागरूकता अभियान में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक बिहार के बाजार से लिए गए हल्दी के करीब 31 प्रतिशत नमूने निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। कुछ नमूनों में सीसे की मात्रा भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की निर्धारित सीमा 10 माइक्रोग्राम प्रति ग्राम से कथित तौर पर 800 गुना तक अधिक पाई गई।पटना के किराना कारोबारियों के बीच चलाए गए अभियान के दौरान दुकानदारों को मिलावटी हल्दी नहीं बेचने की अपील की गई। दलदली इलाके में पहुंचे FSSAI की टीम ने भी कारोबारियों को खतरनाक रसायन वाली हल्दी से बचने और ग्राहकों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जागरूक किया। कारोबारियों ने टीम को बताया कि हल्दी थोक कारोबारियों के जरिए पटना तक पहुंचती है।

घर में ऐसे करें शुरुआती जांच

हल्दी की प्राथमिक जांच का आसान तरीका  है- एक गिलास साफ पानी में एक चम्मच हल्दी पाउडर डालकर करीब 20 मिनट तक बिना हिलाए छोड़ें। शुद्ध हल्दी नीचे बैठने लगेगी और ऊपर का पानी अपेक्षाकृत हल्का पीला दिखाई देगा। यदि पानी बहुत गहरा पीला हो जाए तो कृत्रिम रंग या अन्य मिलावट की आशंका हो सकती है।एक अन्य बताए गए परीक्षण में हल्दी के मिश्रण में पानी और कुछ बूंदें हाइड्रोक्लोरिक एसिड डालने पर यदि रंग पानी मिलाने के बाद भी बैंगनी बना रहे, तो रासायनिक रंग की मिलावट का संकेत माना गया है।हल्दी सिर्फ मसाला नहीं, बल्कि बिहार के लाखों घरों की रोजमर्रा की खाद्य सामग्री है। ऐसे में पीलेपन की चमक के पीछे छिपे इस कथित जहरीले खेल ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था और बाजार निगरानी, दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।