Bihar Raj Bhavan News: समर्थ पोर्टल, लाइब्रेरी टाइमिंग और PHD छात्रों के लिए राज्यपाल अता हसनैन के नए निर्देश

राज्यपाल-सह-कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन ने कुलपतियों के साथ समीक्षा बैठक की।अब संविदा पर नियुक्त PHD छात्रों के लिए विशेष प्रावधान बनेंगे ताकि शोध कार्य प्रभावित न हो।साथ ही समर्थ पोर्टल, पुस्तकालयों का समय बढ़ाने और 'टीबी मुक्त बिहार'

Bihar Governor Higher Education Directives
बिहार राज्यपाल ने की कुलपतियों संग बैठक दिए नए निर्देश- फोटो : Reporter

राज्यपाल-सह-कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने बिहार लोक भवन में राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं। राज्यपाल ने कुलपतियों के प्रयासों की सराहना करते हुए स्पष्ट किया कि पूरी व्यवस्था को बदलने की बजाय समय-समय पर जरूरी सुधारों और बेहतर अंतर-संस्थानीय समन्वय की आवश्यकता है, ताकि नीतियों को सही अर्थों में लागू किया जा सके।


समर्थ पोर्टल बनेगा डिजिटल प्लेटफॉर्म, डेटा सुरक्षा के कड़े निर्देश

उच्च शिक्षा के डिजिटलीकरण पर जोर देते हुए कुलाधिपति ने 'समर्थ पोर्टल' के क्रियान्वयन को एक बड़ा अवसर बताया। उन्होंने कुलपतियों को इसका अधिकाधिक उपयोग करने और विश्वविद्यालयों के महत्वपूर्ण आंकड़ों को पूरी सावधानी से सुरक्षित रखने का निर्देश दिया, ताकि भविष्य में डेटा हानि की स्थिति न बने। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में समर्थ पोर्टल को विश्वविद्यालयों की सभी मुख्य गतिविधियों के संचालन का केंद्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा।


संविदा पर नियुक्त PHD शोधार्थियों के लिए जारी होगा विशेष प्रावधान

बैठक में पीएचडी कर रहे छात्रों के हित में एक बड़ा फैसला लिया गया। राज्यपाल ने कहा कि जो छात्र विभिन्न विश्वविद्यालयों में पीएचडी में नामांकित हैं और संविदा आधारित नियुक्तियों में चयनित हो जाते हैं, उनके लिए विशेष निर्देश जारी किए जाएंगे। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अभ्यर्थियों को अपनी नौकरी के कारण पीएचडी न छोड़नी पड़े और वे संविदा सेवा के साथ-साथ अपना शोध कार्य भी तय समय सीमा में पूरा कर सकें।


'जेनरेशन-जी' से संवाद और पुस्तकालयों के संचालन समय को बढ़ाने पर जोर

राज्यपाल ने युवाओं की बदलती सोच और आकांक्षाओं को समझने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कुलपतियों को विद्यार्थियों से निरंतर संवाद स्थापित कर एक सकारात्मक शैक्षणिक माहौल बनाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, उन्होंने विश्वविद्यालय पुस्तकालयों की समीक्षा करने और विद्यार्थियों के अध्ययन हेतु पुस्तकालयों के खुलने का समय बढ़ाने का सुझाव दिया, जिससे छात्र-छात्राओं को पठन-पाठन की बेहतर सुविधाएं मिल सकें।


सामाजिक दायित्व: गांवों को गोद लेने और 'टीबी मुक्त बिहार' अभियान में भागीदारी

उच्च शिक्षण संस्थानों के सामाजिक उत्तरदायित्व को रेखांकित करते हुए राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को गांवों व अन्य संस्थानों को गोद लेने की पहल को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने 'टीबी मुक्त भारत' और 'टीबी मुक्त बिहार' अभियान में विश्वविद्यालयों की सक्रिय भागीदारी की जरूरत बताई और कहा कि शिक्षण संस्थान जरूरतमंद टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने जैसे मानवीय प्रयासों में अग्रणी भूमिका निभाएं।


सत्र नियमितीकरण, डिजिलॉकर डिग्रियां और शिक्षकों की उपलब्धता पर चर्चा

समीक्षा बैठक में विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक सत्रों को नियमित करने, विद्यार्थियों की डिग्रियों को डिजिलॉकर पर जल्द अपलोड करने, परीक्षा प्रणाली को सुचारु बनाने और छात्र अनुपात के अनुसार शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस बैठक में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह, शिक्षा सलाहकार प्रो. बिनोद कुमार त्रिपाठी सहित राजभवन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

पुष्कर प्रवीण की रिपोर्ट