पितृपक्ष मेले की तैयारियों में जुटा गयाजी नगर निगम: सफाई की ड्रोन से होगी निगरानी, सोलर वाटर एटीएम और लेजर शो का मिलेगा उपहार

गयाजी नगर निगम ने 25 सितंबर से प्रारंभ होने वाले विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले की तैयारियां शुरु कर दी है। इसबार नगर निगम प्रशासन द्वारा मेले में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वच्छता और सुरक्षा के लिए कई दूरगामी निर्णय लिए है.

पितृपक्ष मेले की तैयारियों में जुटा गयाजी नगर निगम: सफाई की
पितृपक्ष मेले को लेकर गयाजी नगर निगम की बैठक- फोटो : मनोज कुमार

Gayaji : विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले की तैयारियों को लेकर गयाजी नगर निगम ने अपनी कमर कस ली है। बुधवार को मेयर वीरेंद्र कुमार की अध्यक्षता और अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव के संचालन में सशक्त स्थायी समिति की अहम बैठक हुई। बैठक में 25 सितंबर से प्रारंभ होने वाले मेले में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वच्छता और सुरक्षा के लिए कई दूरगामी और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।


ड्रोन से होगी सफाई व्यवस्था की निगरानी, फल्गु नदी में 24 घंटे चलेगी आधुनिक सफाई नाव

इस बार मेला क्षेत्र में साफ-सफाई का जिम्मा आउटसोर्सिंग के माध्यम से कराया जाएगा, जिसकी पल-पल की मॉनिटरिंग ड्रोन कैमरों के जरिए की जाएगी। फल्गु नदी के पवित्र जल को स्वच्छ और आचमन योग्य बनाए रखने के लिए 24 घंटे आधुनिक सफाई नाव (बोट) चलाई जाएगी। इसके अलावा श्रद्धालुओं को शुद्ध एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रमुख स्थलों पर सोलर वाटर एटीएम स्थापित किए जाएंगे।


लेजर लाइट शो से दिखेगा गयाजी का धार्मिक महत्व, ब्रह्मसरोवर का 'लाइट एंड साउंड' शो होगा बहाल

तीर्थयात्रियों को गयाजी की समृद्ध धार्मिक व ऐतिहासिक विरासत से रूबरू कराने के लिए मेला क्षेत्र में विशेष लेजर लाइट शो का आयोजन किया जाएगा। साथ ही, ब्रह्मसरोवर में पिछले कई वर्षों से बंद पड़े 'लाइट एंड साउंड' कार्यक्रम को इस बार पुन: शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान निगम अधिकारियों को शहर भर के नाले-नालियों की सफाई का काम हर हाल में 10 दिनों के भीतर पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया गया।


बिना बोर्ड अनुमति 40 लाख निकालने पर स्वच्छता पदाधिकारी पर विभागीय कार्रवाई का फैसला

बैठक में नगर निगम की वित्तीय कार्यप्रणाली पर भी सदस्यों ने सख्त रुख अपनाया। बोर्ड एवं सशक्त समिति की पूर्व अनुमति के बिना करीब 40 लाख रुपये निकालकर वॉल पेंटिंग कराने के मामले में स्वच्छता पदाधिकारी शुभम कुमार को कड़ी फटकार लगाई गई। नगर आयुक्त ने मामले की जांच के आदेश देते हुए 90 दिनों में राशि जमा न करने पर कानूनी कार्रवाई व निलंबन वापस लेने का निर्णय लिया है।


विकास कार्यों की गुणवत्ता जांचने को बनेगी 6 सदस्यीय निगरानी टीम

शहर में जारी विभिन्न निर्माण व विकास योजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष निगरानी टीम के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस टीम में तीन वार्ड पार्षद और तीन अभियंता (इंजीनियर) शामिल होंगे, जो निर्माण स्थलों का भौतिक निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट निगम कार्यालय को सौंपेंगे। इसी रिपोर्ट के आधार पर संवेदकों (ठेकेदारों) के भुगतान का निपटारा किया जाएगा।


मनोज की रिपोर्ट