बिहार में फिर लौटा 'शाही' दौर! मेहमानों की थाली में जहर तो क्या, गंदगी भी नहीं फटकेगी; सरकार ने तैनात किया 'खास अधिकारी'

पुराने जमाने में राजाओं को खाना खिलाने से पहले उसे परखा जाता था, ठीक वैसी ही व्यवस्था अब बिहार सरकार अतिविशिष्ट अतिथियों के लिए लागू कर रही है।

बिहार में फिर लौटा 'शाही' दौर! मेहमानों की थाली में जहर तो क

Patna - : पुराने दौर की कहानियों में अक्सर सुना जाता था कि राजा-महाराजाओं को भोजन परोसने से पहले उसे रसोइया या खास सिपाही चखकर देखता था ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो। बिहार सरकार ने अब इसी 'शाही प्रोटोकॉल' को आधुनिक रूप देते हुए राज्य में आने वाले VVIP और अतिविशिष्ट अतिथियों के लिए अनिवार्य कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने एक कड़ा आदेश जारी किया है, जिसके तहत अब हर खास मेहमान की थाली तक पहुँचने वाला निवाला पूरी तरह जांचा-परखा और सुरक्षित होगा। 

सुरेन्द्र राय बने सरकार के 'खास पहरेदार'

इस राजसी व्यवस्था को जमीन पर उतारने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने श्री सुरेन्द्र राय (विशेष कार्य पदाधिकारी) को राज्य नोडल पदाधिकारी (खाद्य संरक्षा) के रूप में प्राधिकृत किया है। श्री राय की भूमिका किसी 'शाही निरीक्षक' से कम नहीं होगी, क्योंकि उन्हीं के निर्देश पर खाद्य संरक्षा अधिकारियों की पूरी फौज मेहमानों के भोजन, आयोजन स्थलों की सफाई और परोसने के तरीकों की निगरानी करेगी। विभाग ने बाकायदा उनका मोबाइल नंबर साझा किया है ताकि किसी भी 'शाही भोज' में सुरक्षा की गारंटी मिल सके। 

न जहर की गुंजाइश, न खराब सेहत का डर

अक्सर जिला प्रशासन से ऐसे अनुरोध मिलते थे कि विशिष्ट अतिथियों के दौरे के समय उनके भोजन की शुद्धता सुनिश्चित की जाए। इसी के मद्देनजर अब यह तय हुआ है कि खाद्य संरक्षा अधिकारी (FSO) और सहायक अभिहित अधिकारी खाने की गुणवत्ता की कड़ाई से जांच करेंगे। ठीक वैसे ही जैसे राजाओं के काल में खाने की शुद्धता को लेकर 'जीरो टॉलरेंस' रहता था, वैसे ही अब बिहार के मेहमानों को मिलने वाले खाद्य पदार्थों की लैब स्तर की शुद्धता और स्वच्छता सुनिश्चित की जाएगी। 

पूरे बिहार में लागू हुआ नया 'फूड मार्शल' सिस्टम

स्वास्थ्य विभाग के उप सचिव कृष्णा उराँव द्वारा 10 मार्च 2026 को हस्ताक्षरित यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। इस आदेश की प्रतियां सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और सिविल सर्जनों को भेजी गई हैं। अब राज्य के किसी भी कोने में अगर कोई खास मेहमान रुकता है या भोजन करता है, तो वहां विभाग की 'फूड मार्शल' टीम पहले से तैनात होगी, जो खाने की गुणवत्ता की हर कसौटी पर परख करेगी। 

सुविधा ही नहीं, सुरक्षा का है सवाल

यह नई व्यवस्था केवल बेहतर मेजबानी के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी बेहद अहम है। किसी भी तरह की खाद्य विषाक्तता (Food Poisoning) या साजिश की आशंका को खत्म करने के लिए सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है। विभाग के इस 'रॉयल प्रोटोकॉल' ने यह साफ कर दिया है कि बिहार में अब 'अतिथि देवो भव:' के साथ-साथ 'अतिथि सुरक्षितो भव:' का मंत्र भी पूरी तरह लागू होगा।