Bihar Crime : साइबर ठगों के निशाने पर जमुई के जिला पदाधिकारी, फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों से मांगे जा रहे पैसे, जनच में जुटी पुलिस
Bihar Crime : साइबर ठगों ने डीएम के नाम पर अकाउंट बनाकर लोगों को मैसेज भेजा है. जिनसे पैसे की मांग की गयी है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है......पढ़िए आगे
JAMUI : बिहार के जमुई जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जालसाजों ने सीधे जिले के मुखिया यानी जिला पदाधिकारी (DM) को ही अपना निशाना बनाया है। अज्ञात अपराधियों द्वारा जिलाधिकारी अभिलाष शर्मा (वर्तमान संदर्भ में नवीन) के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर एक फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाई गई है। इस फर्जी अकाउंट के जरिए आम लोगों को संदेश भेजकर पैसों की मांग की जा रही है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
जैसे ही यह मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत इस पर कड़ा रुख अपनाया है। डीएम ने आम जनता और सोशल मीडिया यूजर्स से भावुक अपील की है कि वे उनके नाम से आने वाले किसी भी संदिग्ध संदेश, फ्रेंड रिक्वेस्ट या आर्थिक सहायता की मांग पर कतई विश्वास न करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधिकारिक कार्यों के लिए कभी भी व्यक्तिगत रूप से इस तरह के संदेश नहीं भेजे जाते हैं, अतः किसी भी प्रकार का वित्तीय लेन-देन करने से बचें। इस गंभीर जालसाजी को लेकर जिला प्रशासन ने जमुई पुलिस को तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। प्रशासन का मानना है कि यह न केवल एक व्यक्ति की छवि को धूमिल करने का प्रयास है, बल्कि सरकारी पद की गरिमा का अपमान और जनता के साथ धोखाधड़ी की एक सोची-समझी साजिश है।
जमुई पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए साइबर थाना को हाई अलर्ट पर रख दिया है। साइबर एक्सपर्ट्स की टीम उस आईपी एड्रेस (IP Address) और डिजिटल फुटप्रिंट्स को ट्रैक करने में जुट गई है, जिसके जरिए यह फर्जी प्रोफाइल संचालित की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषी व्यक्ति की पहचान जल्द कर ली जाएगी और उसे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि डिजिटल युग में कोई भी सुरक्षित नहीं है। प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि यदि उन्हें इस तरह का कोई भी संदिग्ध मैसेज प्राप्त होता है, तो वे तुरंत इसकी सूचना नजदीकी पुलिस स्टेशन या जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय को दें। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस फर्जी अकाउंट के जरिए अब तक कोई ठगी का शिकार हुआ है या नहीं।
सुमित की रिपोर्ट