मॉडल थाना निर्माण की ₹6.60 करोड़ की योजना निरस्त, फंड पर लगी रोक, गृह विभाग ने जारी किया आदेश

बिहार सरकार ने बेगूसराय के नीमाचांदपुर मॉडल थाना निर्माण की ₹6.60 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति रद्द कर दी है। जानें क्या है इसके पीछे की मुख्य वजह।

मॉडल थाना निर्माण की ₹6.60 करोड़ की योजना निरस्त, फंड पर लगी

Begusarai -:: बिहार सरकार के गृह विभाग ने बेगूसराय जिले के नीमाचांदपुर मॉडल थाना के निर्माण को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। विभाग ने इस थाने के निर्माण के लिए पहले से दी गई प्रशासनिक स्वीकृति को आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया है। सरकार के संयुक्त सचिव कमल नयन द्वारा हस्ताक्षरित इस आदेश के बाद अब इस मॉडल थाने के निर्माण पर प्रस्तावित करोड़ों रुपये की राशि खर्च नहीं की जाएगी।

6.60 करोड़ रुपये की योजना पर फिरा पानी

सरकारी दस्तावेज के अनुसार, साल 2021 में राज्य के 95 थानों और ओपी (Outposts) को मॉडल तकनीकी विशिष्टताओं के साथ विकसित करने का निर्णय लिया गया था। इस योजना के तहत नीमाचांदपुर थाने के लिए 6,60,62,600 रुपये (6.60 करोड़ रुपये से अधिक) की भारी-भरकम राशि आवंटित की गई थी। अब विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि इस राशि की प्रशासनिक स्वीकृति को वापस ले लिया गया है।

क्यों लिया गया स्वीकृति रद्द करने का फैसला?

आदेश पत्र में इस बड़े फैसले के पीछे की ठोस वजह भी बताई गई है। गृह विभाग के मुताबिक, नीमाचांदपुर थाना वर्तमान में अपने नए भवन में सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। पुलिस मुख्यालय ने बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर यह अनुशंसा की थी कि चूंकि थाना पहले से ही नए परिसर में शिफ्ट हो चुका है, इसलिए अलग से मॉडल थाना निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति की अब कोई उपयोगिता नहीं रह गई है।

अपर मुख्य सचिव के अनुमोदन के बाद आदेश जारी

इस पूरी प्रक्रिया को नियमानुसार पूरा किया गया है। पत्र में उल्लेख है कि अपर पुलिस महानिदेशक (आधुनिकीकरण) द्वारा भेजे गए पत्रांक के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। इस प्रस्ताव पर गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव का विधिवत अनुमोदन प्राप्त होने के बाद ही 9 अप्रैल, 2026 को यह औपचारिक आदेश निर्गत किया गया है।

संबंधित अधिकारियों को दी गई सूचना

सरकार ने इस आदेश की प्रतियां महालेखाकार (बिहार), बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक, बेगूसराय के जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी हैं। इसके साथ ही संबंधित कोषागारों को भी सूचित कर दिया गया है ताकि इस मद में किसी भी प्रकार के वित्तीय लेन-देन पर रोक लगाई जा सके।