Bihar politics: राज्यसभा के लिए नीतीश कुमार का नामांकन, बिहार में सत्ता परिवर्तन की चर्चा तेज, जानें कौन बन सकता है अगला CM
Bihar politics: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। इसके बाद बिहार की राजनीति में बदलाव और नए मुख्यमंत्री की चर्चा तेज हो गई है। Image Alt Text: राज्यसभा नामांकन के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार Bi
Bihar politics: जेडीयू अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर दिया, जिसे राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इस कदम के बाद लगभग तय माना जा रहा है कि बिहार में दो दशकों से ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार अब सक्रिय रूप से राज्य की सत्ता से अलग हो सकते हैं और राष्ट्रीय राजनीति में नई भूमिका निभा सकते हैं।
नीतीश कुमार के इस फैसले के साथ ही बिहार में सत्ता परिवर्तन की चर्चा तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव में 89 सीटों के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और अब पार्टी अपना मुख्यमंत्री बनाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में दो प्रमुख नाम सामने आ रहे हैं। पहला नाम वर्तमान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का है, जो कोइरी (OBC) समुदाय से आते हैं। दूसरा नाम केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का है, जो यादव समुदाय से जुड़े हैं और संघ पृष्ठभूमि के पुराने नेता माने जाते हैं।
नीतीश कुमार के फैसले से जेडीयू के अंदर हलचल
नीतीश कुमार के अचानक लिए गए इस फैसले से जेडीयू के अंदर हलचल भी देखने को मिली। होली के अगले दिन उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संसद लौटने का इरादा जाहिर किया, जिससे कई कार्यकर्ता हैरान रह गए। इसके बाद कुछ नाराज कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय में विरोध भी किया और आरोप लगाया कि बीजेपी ने पार्टी के कुछ नेताओं की मदद से नीतीश कुमार को किनारे करने की साजिश रची है। हालांकि जिन नेताओं पर आरोप लगाए गए हैं, उनकी ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
नीतीश कुमार का भावुक संदेश
नामांकन के बाद नीतीश कुमार ने भावुक संदेश देते हुए बिहार की जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा कि दो दशकों से अधिक समय तक जनता ने उन पर भरोसा किया, जिसके बल पर उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ राज्य की सेवा की। उन्होंने यह भी कहा कि उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत से ही इच्छा थी कि वे विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा – चारों सदनों के सदस्य बनें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्यसभा में जाने के बाद भी वे बिहार के विकास के लिए काम करते रहेंगे और नई सरकार को मार्गदर्शन देंगे। नामांकन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी उनके साथ मौजूद थे, जिससे इस पूरे घटनाक्रम को और राजनीतिक महत्व मिल गया।
कब तक मुख्यमंत्री पद पर रहेंगे नीतीश?
सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार सांसद के रूप में शपथ लेने तक मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं। वहीं जेडीयू के अंदर उनके बेटे निशांत कुमार को राजनीति में लाने की चर्चा भी तेज हो गई है, जिसे पार्टी को एकजुट रखने की रणनीति माना जा रहा है। इस घटनाक्रम पर विपक्ष ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में भी "महाराष्ट्र जैसा खेल" हुआ है। वहीं कांग्रेस ने इसे नेतृत्व का “तख्तापलट” बताया है।