मोकामा में भारत विकास परिषद की बैठक, पर्यावरण दिवस मनाने और नई शाखा गठन का फैसला

भारत विकास परिषद (BVP) स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित एक गैर-राजनीतिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक स्वयंसेवी संस्था है। इसकी स्थापना 12 जनवरी 1963 को स्वामी विवेकानंद की जन्म शताब्दी के अवसर पर हुई थी.

Bharat Vikas Parishad
Bharat Vikas Parishad- फोटो : news4nation

Bihar News : मोकामा में भारत विकास परिषद की महत्वपूर्ण बैठक राहुल रंजन के आवास पर आयोजित की गई। बैठक में परिषद के पांच मूल मंत्र  संपर्क, सेवा, सहयोग, संस्कार और समर्पण को समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार बताते हुए इन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में आगामी 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। साथ ही 7 जून को बाबा परशुराम शाखा, मोकामा के शुभारंभ का भी फैसला लिया गया। इस दौरान श्री कृष्ण गोशाला मोकामा के सचिव चंदन कुमार को पर्यावरण संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई।


बैठक में वक्ताओं ने कहा कि भारत विकास परिषद समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्ग के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। परिषद भारतीय संस्कृति, सेवा भावना और राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है।


क्या है भारत विकास परिषद?

भारत विकास परिषद (BVP) स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित एक गैर-राजनीतिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक स्वयंसेवी संस्था है। इसकी स्थापना 12 जनवरी 1963 को स्वामी विवेकानंद की जन्म शताब्दी के अवसर पर डॉ. सूरज प्रकाश और लाला हंसराज द्वारा की गई थी। संस्था का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति के मूल्यों — सेवा, संस्कार, संपर्क, सहयोग और समर्पण — को अपनाते हुए समाज के वंचित वर्ग की सेवा करना और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना है।


परिषद द्वारा दिव्यांग पुनर्वास, आदिवासी विकास, बाल संस्कार शिविर, ‘भारत को जानो’ प्रतियोगिता जैसे कई सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम चलाए जाते हैं। संस्था देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने के लिए भी लगातार कार्य कर रही है।