जीरोमाइल पर फ्लाईओवर का प्लान फेल! अब सर्विस रोड होगी 22 मीटर चौड़ी, भागलपुर-नवगछिया फोरलेन में बड़ा बदलाव
भागलपुर-नवगछिया फोरलेन सड़क के नक्शे में बड़ा बदलाव हुआ है। जीरोमाइल पर अब फ्लाईओवर नहीं बनेगा, बल्कि सर्विस रोड चौड़ी होगी। साथ ही 9 करोड़ से बांध और गोपालपुर में नया आरओबी बनेगा।
Patna - नवगछिया से चौधरीडीह तक बनने वाली एनएच-131बी फोरलेन सड़क के डीपीआर में संशोधन किया गया है। नए निर्णय के अनुसार, जीरोमाइल के पास अब एक और समानांतर फ्लाईओवर का निर्माण नहीं होगा। इसके स्थान पर मौजूदा 5.5 मीटर चौड़ी सर्विस रोड को दोनों तरफ 2-2 मीटर और चौड़ा किया जाएगा, जिससे सड़क की कुल चौड़ाई 22 मीटर हो जाएगी। इस बदलाव से परियोजना की लागत कम होगी और यातायात के लिए बेहतर सड़क उपलब्ध हो सकेगी।
बाढ़ से सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के लिए महादेवपुर घाट से फोरलेन पुल तक 900 मीटर लंबा बांध बनाया जाएगा, जिस पर करीब 9 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह बांध न केवल सड़क को नुकसान से बचाएगा, बल्कि आसपास के गांवों को भी बाढ़ की विभीषिका से सुरक्षा प्रदान करेगा। इसके अलावा, नवगछिया की तरफ जाह्नवी चौक से 53 मीटर लंबी और 18 मीटर ऊंची अप्रोच रोड बनेगी, जो फोरलेन सेतु से जुड़ेगी। भागलपुर की तरफ भी अप्रोच रोड की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी।
विक्रमशिला सेतु और दो नए सेतुओं की अप्रोच रोड फोरलेन होने के कारण, जीरोमाइल से जाह्नवी चौक तक लोगों को सिक्स लेन (Six Lane) सड़क की सुविधा मिलेगी। ड्रोन सर्वे के बाद तैयार इस डीपीआर के अनुसार, एनएच-131बी का कार्य दो चरणों में संपन्न होगा। नवगछिया जीरोमाइल से जाह्नवी चौक तक के 9 किमी हिस्से की लागत 295 करोड़ और बरारी बाईपास मोड़ से चौधरीडीह तक के 4.5 किमी हिस्से की अनुमानित लागत 111 करोड़ रुपये है।
परियोजना के तहत निर्माण कार्यों में गोपालपुर के पास 60 मीटर लंबा और 10 मीटर चौड़ा एक नया रेल ओवर ब्रिज (ROB) भी शामिल है। यातायात को सुगम बनाने के लिए बरारी बाईपास में सेंट टेरेसा स्कूल और हवाई अड्डा के पास व्हीकल अंडरपास (VUP) के साथ दो छोटे पुल बनाए जाएंगे। इसी तरह जाह्नवी चौक और तेतरी के पास भी व्हीकल अंडरपास का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे स्थानीय वाहनों की आवाजाही आसान हो सकेगी।
यह फोरलेन सड़क न केवल भागलपुर और नवगछिया के बीच की दूरी को कम करेगी, बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी नया आयाम देगी। इसका जुड़ाव नवगछिया की तरफ एनएच-33 से और भागलपुर की तरफ मुंगेर-मिर्जाचौकी ग्रीनफील्ड कॉरिडोर व हंसडीहा फोरलेन से होगा। यह सड़क समानांतर फोरलेन पुल के लिए एक बेहतर विकल्प के रूप में भी उपयोगी साबित होगी, जिससे आने वाले समय में दक्षिण और उत्तर बिहार के बीच आवागमन और व्यापार को गति मिलेगी।