बिहार में महंगाई का एक और झटका: सुधा दूध के दामों में हुई बढ़ोतरी, इस दिन से लागू होगी नई दरें
Bihar News : बिहार के आम उपभोक्ताओं की जेब पर एक बार फिर महंगाई की मार पड़ी है। राज्य के सबसे बड़े डेयरी ब्रांड 'सुधा' ने दूध की कीमतों में बढ़ोतरी करने का बड़ा फैसला लिया है। बढ़ी दरे 25 मई से लागू हो जायेगी....
Patna : बिहार के आम उपभोक्ताओं की जेब पर एक बार फिर महंगाई की मार पड़ी है। राज्य के सबसे बड़े डेयरी ब्रांड 'सुधा' ने दूध की कीमतों में बढ़ोतरी करने का बड़ा फैसला लिया है। सुधा डेयरी का संचालन करने वाली संस्था बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन (कॉम्फेड) के बोर्ड ने दूध के दामों में ₹2 प्रति लीटर तक का इजाफा कर दिया है। यह बढ़ी हुई कीमतें आगामी सोमवार यानि 25 मई से पूरे राज्य में प्रभावी रूप से लागू हो जाएंगी, जिससे आम जनता का मासिक बजट प्रभावित होना तय है।
सुधा बोर्ड की बैठक में लिया गया अंतिम निर्णय
दूध के दामों में बढ़ोतरी का यह फैसला आज पटना में आयोजित सुधा बोर्ड (कॉम्फेड) की एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया। बैठक में डेयरी उद्योग से जुड़े विभिन्न वित्तीय पहलुओं, घाटे और परिचालन लागत पर विस्तार से चर्चा की गई। बोर्ड के सदस्यों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में दूध की कीमतों को बढ़ाना बेहद जरूरी हो गया था, ताकि डेयरी के संचालन को सुचारू रूप से जारी रखा जा सके।
दूध के हर वेरिएंट (फुल क्रीम, टोंड) पर लागू होगा फैसला
राहत की उम्मीद कर रहे उपभोक्ताओं को झटका देते हुए प्रबंधन ने साफ किया है कि यह मूल्य वृद्धि सुधा दूध के किसी एक पैकेट पर नहीं, बल्कि सभी वेरिएंट्स पर समान रूप से लागू होगी। चाहे वह सुधा का फुल क्रीम (गोल्ड) दूध हो, टोंड (शक्ति), डबल टोंड (स्मार्ट) या फिर गाय का दूध हो—सोमवार से हर प्रकार के दूध के लिए उपभोक्ताओं को प्रति लीटर ₹2 अतिरिक्त भुगतान करना होगा। हालांकि, दही, पेड़ा और घी जैसे अन्य सह-उत्पादों की कीमतों में फिलहाल किसी बदलाव की घोषणा नहीं की गई है।
किसानों की बढ़ती लागत को बताया मुख्य कारण
कीमतों में इस बढ़ोतरी के पीछे सुधा बोर्ड ने पशुपालकों और किसानों के हितों का हवाला दिया है। बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक, पिछले कुछ समय में मवेशियों के चारे, दाने, दवाओं और परिवहन की लागत में भारी वृद्धि हुई है। किसानों द्वारा लगातार दूध की खरीद दर (प्रोक्योरमेंट प्राइस) बढ़ाने की मांग की जा रही थी। बोर्ड का कहना है कि किसानों को उनकी लागत का सही मूल्य देने और उन्हें पशुपालन के प्रति प्रोत्साहित रखने के लिए ही दूध के दाम बढ़ाने का यह कड़ा फैसला लेना पड़ा है।
सोमवार 25 मई की सुबह से ही बदल जाएंगे दाम
सुधा डेयरी प्रशासन के अनुसार, सोमवार की सुबह से जो दूध के पैकेट बाजार और बूथों पर सप्लाई किए जाएंगे, वे नए प्रिंटेड रेट के साथ आएंगे। एजेंसी संचालकों और खुदरा विक्रेताओं को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे सोमवार से पहले पुराने स्टॉक को नए दामों पर न बेचें और सोमवार से नई दरों का ही पालन करें। इधर, दूध के दाम बढ़ने की खबर मिलते ही आम जनता और मध्यमवर्गीय परिवारों में निराशा है, क्योंकि चाय से लेकर बच्चों के पोषण तक की यह बुनियादी जरूरत अब और महंगी हो गई है।