जेल से अनंत सिंह की दहाड़: "6 किमी दूर पोस्ट ऑफिस कैसे जाएंगे दिव्यांग?", मर्जर के खिलाफ लिखा पत्र

पटना के बेउर जेल में बंद मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने मोकामा चौक सब-पोस्ट ऑफिस को मोकामा घाट वाले पोस्ट ऑफिस में मिलाने के फैसले का विरोध करते हुए चीफ पोस्टमास्टर जनरल को चिट्ठी लिखी है।

जेल से अनंत सिंह की दहाड़: "6 किमी दूर पोस्ट ऑफिस कैसे जाएंग
जेल से अनंत सिंह की दहाड़: "6 किमी दूर पोस्ट ऑफिस कैसे जाएंगे दिव्यांग?", मर्जर के खिलाफ लिखा पत्र- फोटो : REPORTER

पटना के  बेउर जेल में बंद मोकामा के बाहुबली नेता अनंत सिंह ने मोकामा चौक स्थित उप-डाकघर को मोकामा घाट पोस्ट ऑफिस में मर्ज करने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने बिहार सर्किल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल को पत्र लिखकर इस फैसले को जनविरोधी बताया है। विधायक ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि विभाग का यह निर्णय आम नागरिकों, विशेषकर बुजुर्गों और महिलाओं के लिए बड़ी मुसीबत साबित होगा।


मर्जर से 20 हजार खाताधारक होंगे प्रभावित

अनंत सिंह ने पत्र में तकनीकी आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि मोकामा चौक उप-डाकघर में लगभग 20 हजार खाते संचालित हैं। इनमें सुकन्या समृद्धि योजना, आरडी, पीपीएफ और सेविंग अकाउंट जैसे महत्वपूर्ण खाते शामिल हैं। विधायक का तर्क है कि इस उप-डाकघर को बंद करने से एक बहुत बड़ी आबादी का बैंकिंग और डाक संपर्क बाधित हो जाएगा। उन्होंने इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है ताकि जनता को वित्तीय लेनदेन में परेशानी न हो।

दूरी और संवेदनशीलता का हवाला

पत्र में सबसे प्रमुख मुद्दा दूरी का उठाया गया है। अनंत सिंह ने लिखा है कि मोकामा चौक से मोकामा घाट की दूरी 6 किलोमीटर से अधिक है। बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों के लिए रोजमर्रा के काम के लिए इतनी दूर जाना व्यावहारिक रूप से असंभव है। उन्होंने जोर दिया कि लगभग 8000 खाते तो विशेष रूप से बुजुर्गों और दिव्यांगों के ही हैं, जिनके लिए पोस्ट ऑफिस का पास होना अनिवार्य है। साथ ही, यह इलाका व्यावसायिक केंद्र है, जहाँ डाक सेवाओं की अत्यधिक आवश्यकता रहती है।

विरोध के बाद अधिकारियों ने दिया आश्वासन

केंद्र सरकार के इस मर्जर के फैसले के खिलाफ स्थानीय लोग पहले से ही आंदोलित थे। विधायक के पत्र और क्षेत्र में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए डाक विभाग के वरीय अधिकारियों ने अब आश्वासन दिया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव पर रोक लगाई जा सकती है। सूत्रों के अनुसार, विधायक की अनुशंसा को मंत्रालय तक भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे यह उम्मीद जगी है कि मोकामा चौक पोस्ट ऑफिस अपने वर्तमान स्थान पर ही बना रहेगा।