मेदांता अस्पताल पहुंचे अनंत सिंह, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव का जाना हाल, इस बीमारी से ग्रसित हैं दानापुर विधायक
रामकृपाल यादव के शरीर में हाल ही में पेसमेकर इंप्लांट किया गया है। उनसे मोकामा विधायक अनंत सिंह ने मुलाकात की और बेहतर स्वास्थ्य की कामना की.
Anant Singh : बिहार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव की तबीयत बिगड़ने के बाद पटना के मेदांता अस्पताल में उनका इलाज जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार को मोकामा के विधायक अनंत सिंह अस्पताल पहुंचे और मंत्री रामकृपाल यादव से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। दोनों नेताओं ने कुछ देर तक बातचीत भी की। मुलाकात के दौरान रामकृपाल यादव अस्पताल के कमरे में कुर्सी पर बैठे नजर आए।
जानकारी के अनुसार, रामकृपाल यादव के शरीर में हाल ही में पेसमेकर इंप्लांट किया गया है। फिलहाल वह डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उनके अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिलने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं का उनसे मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। इससे पहले गुरुवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मेदांता अस्पताल पहुंचे थे। उनके साथ बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी भी मौजूद थे। दोनों नेताओं ने रामकृपाल यादव का हालचाल जाना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

नीतीश ने की मुलाकात
सूत्रों के अनुसार, मुलाकात के दौरान नीतीश कुमार ने अस्पताल के चिकित्सकों से भी बातचीत की और रामकृपाल यादव की स्वास्थ्य स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने इलाज की प्रक्रिया और डॉक्टरों की सलाह के बारे में भी जानकारी हासिल की।

पेसमेकर लगाया गया
गौरतलब है कि रामकृपाल यादव की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच के बाद डॉक्टरों ने उनके शरीर में पेसमेकर लगाने का निर्णय लिया, जिसके बाद सफलतापूर्वक पेसमेकर इंप्लांट किया गया। फिलहाल उनकी स्थिति पहले से बेहतर बताई जा रही है, हालांकि डॉक्टरों ने उन्हें कुछ दिन और निगरानी में रखने की सलाह दी है।
दानापुर से विधायक
रामकृपाल यादव वर्तमान में दानापुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने राजद उम्मीदवार रीतलाल यादव को हराकर जीत दर्ज की थी। इससे पहले वह पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र से सांसद भी रह चुके हैं। लंबे राजनीतिक अनुभव और सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने के कारण उनके स्वास्थ्य को लेकर राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में लगातार चिंता जताई जा रही है।
अस्पताल प्रशासन की ओर से फिलहाल उनके डिस्चार्ज की कोई तारीख तय नहीं की गई है। डॉक्टरों की सलाह के अनुसार स्वास्थ्य में संतोषजनक सुधार होने के बाद ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी। तब तक नेताओं, समर्थकों और शुभचिंतकों का उनसे मिलने का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।