लापरवाही की लोहे की दीवार ने छीन ली मासूम की सांसें, नवादा में गेट गिरने से 8 वर्षीय दीपक की मौत, जवाबदेही पर उठे बड़े सवाल

Bihar News:नवादा में एक दर्दनाक हादसे ने प्रशासनिक व्यवस्था, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।..

8 Year Old Dies After Stadium Gate Collapse Negligence Under
लापरवाही की लोहे की दीवार ने छीन ली मासूम की सांसें- फोटो : reporter

Bihar News:नवादा में एक दर्दनाक हादसे ने प्रशासनिक व्यवस्था, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। हरिश्चंद्र स्टेडियम के पास लगा भारी-भरकम लोहे का गेट अचानक गिर पड़ा और उसकी चपेट में आकर 8 वर्षीय मासूम दीपक कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम के साथ-साथ गुस्सा भी साफ दिखाई दे रहा है। लोग इसे महज दुर्घटना नहीं बल्कि लापरवाही का नतीजा बता रहे हैं।

स्थानीय लोगों के मुताबिक स्टेडियम परिसर में लगाया गया तीसरे नंबर का गेट कुछ महीने पहले ही स्थापित किया गया था। लेकिन निर्माण और फिटिंग के दौरान बरती गई कथित लापरवाही अब एक मासूम की जान पर भारी पड़ गई। लोगों का कहना है कि जिस गेट को वर्षों तक सुरक्षित खड़ा रहना चाहिए था, वह छह महीने के भीतर ही मौत का सबब बन गया। ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

मृतक दीपक कुमार, रूपेश कुमार का सबसे छोटा बेटा था। बताया जा रहा है कि वह रोज की तरह स्टेडियम के पास खेलकर घर लौट रहा था। तभी अचानक लोहे का विशाल गेट भरभराकर उसके ऊपर गिर पड़ा। गेट के नीचे दबने से उसे इतनी गंभीर चोटें लगीं कि मौके पर ही उसकी सांसें थम गईं। घटना की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई।

हादसे के बाद नगर थाना प्रभारी उमाशंकर सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। स्थानीय लोगों ने पुलिस के सामने साफ तौर पर आरोप लगाया कि यह हादसा नहीं बल्कि जिम्मेदार विभागों की घोर लापरवाही का नतीजा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच होती और सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो दीपक आज जीवित होता। अब पूरे शहर में एक ही सवाल गूंज रहा है आखिर इस मासूम की मौत का जिम्मेदार कौन है? क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या यह मामला भी फाइलों में दफन होकर रह जाएगा? फिलहाल लोगों की निगाहें जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

रिपोर्ट- अमन कुमार