सीतामढ़ी में मासूम की हत्या पर गरमाई सियासत, RJD MLC का सरकार पर सीधा वार, SP को फोन कर सख्त कार्रवाई की मांग
Bihar News:एक मासूम का शव कब्रिस्तान के पास क्षत-विक्षत हालत में मिलने के बाद जहां गांव में मातम और गुस्से का माहौल है, वहीं अब यह मामला राजनीतिक गलियारों में भी तेज़ी से गूंजने लगा है...
Bihar News: सीतामढ़ी के चोरौत थाना क्षेत्र स्थित भंटाबारी गांव में 12 वर्षीय मोहम्मद तौफीक की निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक मासूम का शव कब्रिस्तान के पास क्षत-विक्षत हालत में मिलने के बाद जहां गांव में मातम और गुस्से का माहौल है, वहीं अब यह मामला राजनीतिक गलियारों में भी तेज़ी से गूंजने लगा है। विपक्ष ने इस घटना को कानून-व्यवस्था की नाकामी बताते हुए सरकार को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, मोहम्मद तौफीक शुक्रवार की सुबह दूध लेने के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों की तलाश के बीच बाद में उसका शव गांव के कब्रिस्तान के पास बरामद हुआ। घटना के बाद इलाके में तनाव और दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।मामले ने तब राजनीतिक रंग ले लिया जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के निर्देश पर राजद एमएलसी कारी शोहेब पीड़ित परिवार से मिलने भंटाबारी गांव पहुंचे। परिजनों से मुलाकात के बाद उन्होंने घटना को बेहद दर्दनाक बताते हुए प्रशासन पर कई सवाल खड़े किए।
कारी शोहेब ने कहा कि एक मासूम की हत्या कर शव को कब्रिस्तान में फेंक देना अपराधियों के बढ़ते हौसले और राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का गंभीर संकेत है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने सीधे पुलिस अधीक्षक से बात कर मामले में त्वरित प्राथमिकी दर्ज करने, निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
राजद एमएलसी ने राज्य सरकार से पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवज़ा देने की मांग भी उठाई। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि जांच में भीड़ हिंसा या संगठित अपराध के तत्व सामने आते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।उन्होंने आरोप लगाया कि समाज में बढ़ती नफरत और सांप्रदायिक तनाव की राजनीति सामाजिक सौहार्द को कमजोर कर रही है। हालांकि इन आरोपों पर सरकार या संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। इस सनसनीखेज हत्याकांड ने न केवल सीतामढ़ी बल्कि पूरे बिहार में चिंता और बहस को जन्म दे दिया है। अब लोगों की निगाहें जांच की दिशा, दोषियों की गिरफ्तारी और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
रिपोर्ट- रंजन कुमार सिंह